Thursday, 23 February 2017

One Line Humors.

😀😀
Regular naps prevent old age, 
especially if you take them while driving.
😀😀
Having one child makes you a parent; having two you are a referee. 
😀😀 
Marriage is a relationship in which one person is always right and the other is the husband! 
😀😀 
I believe we should all pay our tax with a smile. 
I tried - but they wanted cash. 
😀😀 
A child's greatest period of growth is the month after you've purchased new school uniforms. 
😀😀 
Don't feel bad. A lot of people have no talent.
😀😀 
Don't marry the person you want to live with, 
marry the one you cannot live without, 
but whatever you do, 
you'll regret it later. 
😀😀 
You can't buy love, but you pay heavily for it. 
😀😀 
Bad officials are elected by good citizens who do not vote. 
😀😀 
Laziness is nothing more than the habit of resting before you get tired. 
😀😀 
Marriage is give and take. You'd better give it to her or she'll take it anyway. 
😀😀 
My wife and I always compromise. I admit I'm wrong and she agrees with me. 
😀😀 
A successful marriage requires falling in love many times, always with the same person. 
😀😀 
It doesn't matter how often a married man changes his job, he still ends up with the same boss. 
😀😀 
Real friends are the ones who survive transitions between address books. 
😀😀 
Saving is the best thing. Especially when your parents have done it for you. 
😀😀 
Wise men talk because they have something to say; fools talk because they have to say something. 
😀😀 
They call our language the mother tongue because the father seldom gets to speak! 
😀😀 
Man: Is there any way for long life? 
Dr: Get married. 
Man: Will it help? 
Dr: No, but then the thought of long life will never come! 
😀😀 
Why do couples hold hands during their wedding?
It's a formality just like two boxers shaking hands before the fight begins! 
😀😀 
Wife: Darling today is our anniversary, what should we do? 
Husband: Let us stand in silence for 2 minutes. 
😀😀 
It's funny when people discuss Love Marriage vs Arranged. It's like asking someone, if suicide is better or being murdered. 
😀😀 
There is only one perfect child in the world and every mother has it. 
😀😀 
There is only one perfect wife in the world and every neighbor has it! Cheers !!! 
😜

Tuesday, 21 February 2017

रूपये का इतिहास

*रूपये का इतिहास*
जरूर पढे
प्राचीन भारतीय मुद्रा प्रणाली*
अपने बचचौ को जरुर पढायै.

फूटी कौड़ी (Phootie Cowrie) से कौड़ी,
कौड़ी से दमड़ी (Damri),
दमड़ी से धेला (Dhela),
धेला से पाई (Pie),
पाई से पैसा (Paisa),
पैसा से आना (Aana),
आना से रुपया (Rupya) बना।
256 दमड़ी = 192 पाई = 128 धेला = 64 पैसा (old) = 16 आना = 1 रुपया

1) 3 फूटी कौड़ी -  1 कौड़ी
2) 10 कौड़ी -  1 दमड़ी
3) 2 दमड़ी -  1 धेला
4) 1.5 पाई -  1 धेला
5) 3 पाई -  1 पैसा ( पुराना)
6) 4 पैसा -  1 आना
7) 16 आना - 1 रुपया

प्राचीन मुद्रा की इन्हीं इकाइयों ने हमारी बोल-चाल की भाषा को कई कहावतें दी हैं, जो पहले की तरह अब भी प्रचलित हैं। देखिए :
●एक 'फूटी कौड़ी' भी नहीं दूंगा।
●'धेले' का काम नहीं करती हमारी बहू !
●चमड़ी जाये पर 'दमड़ी' न जाये।
●'पाई-पाई' का हिसाब रखना।
●सोलह 'आने' सच

Our children n grand children must know the old history of small coins. Our one Rupee was consisting of 256 parts called DAMRI.





Saturday, 18 February 2017

Women at ISRO

प्रधानमंत्री जी की दिनचर्या

👍 प्रधानमंत्री जी की दिनचर्या  ☺

*प्रधान मंत्री मोदी जी की दिनचर्या*

सबेरे 4:45 जागना:
–आपका सोने का समय जो कुछ भी हो, पर जागने का समय निश्चित 4:45 है।
—प्रति दिन सबेरे आप 30 मिनट शौच-स्नान इत्यादि में लगाते हैं।
साथ साथ प्रमुख समाचारों को भी देख लेते हैं।
—पश्चात 30 मिनट ( योगासन ) व्यायाम करते हैं।
—–एवं गत दिवस के संसार के समाचारों का चयन, और भारत के और भाजप के समाचारों की (चयनित ) ध्वनि मुद्रिका  (रिकार्डिंग) सुनते हैं।
—–उपरान्त मंदिर में बैठ 10 मिनट ध्यान करते हैं।
—–फिर एक कप चाय लेते हैं। साथ कोई अल्पाहार (नाश्ता) नहीं लेते।
—–6:15 बजे एक शासकीय विभाग आप के बैठक कक्ष में प्रस्तुति के लिए सज्ज रहता है। उनकी प्रस्तुति होती है।

—–7 से 9 आई हुयी सारी  संचिकाएँ  (फाइलों) देख लेते हैं।
——और आप की माता जी से दूरभाष (फोन)पर बात होती है। कुशल- क्षेम -स्वास्थ्य समाचार पूछते हैं।
{लेखक: *भारत का प्रधान मंत्री अपनी माँ के लिए समय निकालता है। क्या, हम भी ऐसा समय निकाल पाते हैं? या हम प्रधान मंत्री जी से अधिक व्यस्त हैं?*}

अल्पाहार:
—-9 बजे गाजर और अन्य शाक-फल इत्यादि का अल्पाहार होता है।
साथ निम्न विधि से बना हुआ पंचामृत (पेय) पीते हैं। {पंचामृत विधि: 20 मिलिलिटर मधु, 10 मिलिलिटर देशी गौ का घी,  पुदिना, तुलसी, और नीम की कोमल पत्तियों का रस )

कार्यालय
—–9:15 पर कार्यालय पहुंच कर महत्वपूर्ण बैठकें करते हैं।

भोजन
—-दुपहर भोजन में पाँच वस्तुएं होती है। (गुजराती रोटी, शाक, दाल, सलाद, छाछ)
—–संध्या को चार बजे बिना दूध की नीबू वाली चाय पीते हैं।
—–और  6 बजे खिचडी और दूध का भोजन.
—–रात्रि के 9 बजे देशी गौ का दूध एक गिलास, सोंठ (अद्रक का चूर्ण) डालकर।
—–मुखवास में, नीबू, काली मिर्च, और भूँजी हुयी अजवाइन (जिससे वायु नही होता) का मिश्रण।
घूमना:
—–9 से  9:30 घूमना, साथ एक विषय के जानकार, चर्चा करते हुए  साथ घूमते हैं।
—–9:30 से 10:00 सामाजिक  संचार माध्यम (Social Media), साथ  साथ चुने हुए पत्रों के उत्तर देते हैं।
विशेष:
नरेंद्र भाई ने जीवन में कभी बना बनाया, पूर्वपक्व आहार  (Fast Food), नहीं खाया, न बना बनाया पेय(soft drink) पिया है।
—–भारत के 400 जिलों का प्रवास आप ने किया हुआ है।
—–जब गुजरात से दिल्ली गए, तो दो ही वस्तुएँ साथ ले गए। कपडे और पुस्तकें। (लेखक की जानकारी है, कि,उन्हें स्वभावतः कपडों की विशेष रूचि है।)वे एक  कपडों से भरी, और 6 पुस्तकों से भरी (अलमारियाँ)धानियाँ,  ले गए।
——सतत प्रवास में आप रात को किसी संत के साथ आश्रम में, या किसी छोटे कार्यकर्ता के घर रूकते थे। होटल में कभी नहीं।
—–वडनगर वाचनालय की सारी पुस्तकें आपने पढी थी।
—–किसी प्रसंग विशेष पर आप निजी उपहार में, पुस्तक ही देते थे। गत एक दशक में नव विवाहितों को “सिंह पुरुष” पुस्तक उपहार में देते थे। अब भारत के प्रधान मंत्री के नाते “भगवदगीता उपहार में देते है।
—–वे ब्रश से नहीं पर करंज का दातुन करते हैं।
—–आप की रसोई में नमक नहीं, पर सैंधव नमक का प्रयोग होता है।
—–प्रवास के समयावधि में  संचिकाएँ (फाइलें), और चर्चा करने वाले मंत्री साथ होते हैं।
—–64 वर्ष की आयु में आप सीढी पर कठडे़ का आश्रय नहीं  लेते।
—–एक दिन में आपने,19 तक, सभाएँ की है।
—–आँख त्रिफला के पानी  से धोते हैं।( त्रिफला: हरडे, आँवला, बेहडा-रात को भीगो कर सबेरे उस का पानी)
—–गुजरात में मुख्य मंत्री थे तब, एक बार स्वाईन फ्लू और एक बार दाढ की पीडा के समय आप को डॉक्टर की आवश्यकता पडी थी।
—–प्रधान मंत्री पद पर आने के पश्चात भी गुजरात के भाजपा के कार्यकर्ताओं को दुःखद प्रसंग पर सांत्वना देने के लिए अवश्य दूरभाष करते हैं। *(बडे बनने पर भूले नहीं है)*
—– *आप की निजी सेवा में नियुक्त सभी कर्मचारियों की संतानों की शिक्षा एवं विशेष प्रवृत्तियों के विषय में आप जानकारी रखते हैं। और पूछ ताछ करते रहते हैं!*                                                                         *धन्य हैं हम...... जिन्हें ऐसे व्यक्तित्व की छत्रछाया मिली...                                 मैं तो कृतग्य हूँ...!*
🙏🙏🙏🙏🙏

*मेरे पास आया मैने पढ कर अच्छा 🙏💐😊समझा तो आप सबको भी भेज दिया आप सबको भी जो अच्छा लगे मान ले और जो बुरा लगे उसे छोड दे ।*💐😊🙏

*जय हिन्द जय भारत*

Ram

कभी सोचा है की प्रभु श्री राम के दादा परदादा का नाम क्या था ?

नहीं तो जानिये-

1 - ब्रह्मा जी से मरीचि हुए,
2 - मरीचि के पुत्र कश्यप हुए,
3 - कश्यप के पुत्र विवस्वान थे,
4 - विवस्वान के वैवस्वत मनु हुए । 
वैवस्वत मनु के समय जल प्रलय हुआ था,
5 - वैवस्वतमनु के दस पुत्रों में से एक का नाम इक्ष्वाकु था, इक्ष्वाकु ने अयोध्या को अपनी राजधानी बनाया और इस प्रकार इक्ष्वाकु कुल की स्थापना की |
6 - इक्ष्वाकु के पुत्र कुक्षि हुए,
7 - कुक्षि के पुत्र का नाम विकुक्षि था,
8 - विकुक्षि के पुत्र बाण हुए,
9 - बाण के पुत्र अनरण्य हुए,
10- अनरण्य से पृथु हुए,
11- पृथु से त्रिशंकु का जन्म हुआ,
12- त्रिशंकु के पुत्र धुंधुमार हुए,
13- धुन्धुमार के पुत्र का नाम युवनाश्व था,
14- युवनाश्व के पुत्र मान्धाता हुए,
15- मान्धाता से सुसन्धि का जन्म हुआ,
16- सुसन्धि के दो पुत्र हुए- ध्रुवसन्धि एवं प्रसेनजित,
17- ध्रुवसन्धि के पुत्र भरत हुए,
18- भरत के पुत्र असित हुए,
19- असित के पुत्र सगर हुए,
20- सगर के पुत्र का नाम असमंज था,
21- असमंज के पुत्र अंशुमान हुए,
22- अंशुमान के पुत्र दिलीप हुए,
23- दिलीप के पुत्र भगीरथ हुए, 
भागीरथ ने ही गंगा को पृथ्वी पर उतारा था ।
24. भागीरथ के पुत्र ककुत्स्थ थे |
25- ककुत्स्थ के पुत्र रघु हुए, रघु के अत्यंत तेजस्वी और पराक्रमी नरेश होने के कारण उनके बाद इस वंश का नाम रघुवंश हो गया, तब से श्री राम के कुल को रघु कुल भी कहा जाता है |
26- रघु के पुत्र प्रवृद्ध हुए,
27- प्रवृद्ध के पुत्र शंखण थे,
28- शंखण के पुत्र सुदर्शन हुए,
29- सुदर्शन के पुत्र का नाम अग्निवर्ण था,
30- अग्निवर्ण के पुत्र शीघ्रग हुए,
31- शीघ्रग के पुत्र मरु हुए,
32- मरु के पुत्र प्रशुश्रुक थे,
33- प्रशुश्रुक के पुत्र अम्बरीष हुए,
34- अम्बरीष के पुत्र का नाम नहुष था,
35- नहुष के पुत्र ययाति हुए,
36- ययाति के पुत्र नाभाग हुए,
37- नाभाग के पुत्र का नाम अज था,
38- अज के पुत्र दशरथ हुए,
39- दशरथ के चार पुत्र राम, भरत, लक्ष्मण तथा शत्रुघ्न हुए |
इस प्रकार ब्रह्मा की उन्चालिसवी (39वीं) पीढ़ी में श्रीराम का जन्म हुआ | 
शेयर करे ताकि हर हिंदू इस जानकारी को जाने...!!

Friday, 17 February 2017

Going extra

A nice story below. 

Mukesh and Anil joined a company together a few months after their graduation from university.

After a few years of work, their Manager promoted Mukesh to a position of Senior Sales Manager, but Anil remained in his entry level Junior Sales Officer position. 

Anil developed a sense of jealousy and disgruntlement, but continued working anyway.

One day Anil felt that he could not work with Mukesh anymore. He wrote his resignation letter, but before he submitted it to the Manager, he complained that  Management  did not value hard working staff, but only promoted only the favoured!

The Manager knew that Anil worked very hard for the years he had spent at the company; even harder than Mukesh  and therefore he deserved the promotion. So in order to help Anil  to realize this, the Manager gave Anil a task.

“Go and find out if anyone is selling water melons in town?”

Anil returned and said, "yes there is someone!"

The Manager asked, "how much per kg?" Anil drove back to town to ask and then returned to inform the Manager; "they are Rs 13.50 per kg!"

The Manager told Anil, "I will give Mukesh the same task that I gave you. 

So the Manager said to Mukesh, in the presence of Anil ; “Go and find out if anyone is selling water melons in town?”

Mukesh went to find out and on his return he said:
"Manager, there is only one person selling water melons in the whole town. The cost is Rs 49.00 each water melon and Rs 32,50 for a half melon. He sells them at Rs 13.50 per kg when sliced. He has in his stock 93 melons, each one weighing about 7kg. 

He has a farm and can supply us with melons for the next 4 months at a rate of 102 melons per day at Rs 27.00 per melon; this includes delivery. 

The melons appear fresh and red with good quality, and they taste better than the ones we sold last year. 

He has his own slicing machine and is willing to slice for us free of charge.
We need to strike a deal with him before 10 a. m tomorrow and we will be sure of beating last year's profits in melons by Rs 223 . This will contribute positively to our overall performance as it will add a minimum of 3.78% to our current overall sales target. 

I have put this information down in writing and is available on spreadsheet. 

Please let me know if you need it as I can send it to you in fifteen minutes."

Anil was very impressed and realized the difference between himself and Mukesh. He decided not to resign but to learn from Mukesh.

Let this story help us keep in mind the importance of going an extra mile in all our endeavors.

You won't be rewarded for doing what you're meant to do, you only get a salary for that! You're only ​rewarded​ for going an extra mile; performing beyond expectations.  

To be successful in life you must be observant, proactive and willing to do more, think more, have a more holistic perspective and go beyond the call of duty. 

👍👌

Sunday, 12 February 2017

बाथरूम में रेनकोट स्नान "मोदीजी"

जो लोग मोदी जी को "बाथरूम में रेनकोट स्नान" वाले बयान पर कोस रहे है आइये उनको जरा आइना दिखा देते हैं।
मोदी के बयान को मर्यादा और गरिमा का ज्ञान देने वाले सेक्युलर गैंग वाले ध्यान दें।

(1) मोदी एक कायर, बद्तमीज़ ,विकृत इंसान, और मानसिक रोगी इंसान है । --- दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल
(2) मोदी की सरकार हराम खोर है। -- आप नेता अमनतुल्लाह खान
(3) मोदी की सरकार नपुंसक है । -- आप नेता कपिल मिश्रा
(4) मोदी ने चाय नही खून बेचा है । -- लालू यादव
(5) मोदी लहू पुरुष , ‘पानी पुरुष’, ‘असत्य पुरुष’,रावण, बिच्छू और सांप है , चाय बेचे हमारे यहाँ आकर -- कोंग्रेस नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री मणि शंकर अय्यर।
(6) मोदी के टुकड़े टुकड़े कर देंगे । -- वरिष्ठ कोंग्रेस नेता इमरान मसूद।
(7) मोदी रावण और हिटलर है । -- आज़म खान
(8) मोदी यमराज है । -- बसपा के वरिष्ठ नेता सतीश चंद्र मिश्र।
(9) मोदी मौत के सौदागर है । -- कोंग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी।
(10) मोदी तो बंदर है, रेबीज का शिकार है :- अर्जुन मोड़वाडिया (गुजरात कांग्रेस)।
(11) मोदी भस्मासुर है :- जयराम रमेश (पूर्व केंद्रीय मंत्री)।
(12) मोदी पागल कुत्ता है, आदमखोर है :- बेनी प्रसाद वर्मा।
(13) मोदी नपुंसक , मेढक और खलनायक है :- सलमान खुर्शीद (पूर्व केंद्रीय मंत्री)।
(14) मोदी गन्दी नाली का कीड़ा :- बी.के हरिप्रसाद (कांग्रेस महासचिव)।
(15) मोदी रावण है :- दिग्विजय सिंह।
(16) मोदी के हाथ खून से रंगे हुए है वह कसाई है । -- डेरेक ओ ब्रायन , तृणमूल कोंग्रेस के वरिष्ठ नेता।
(17) मोदी नीच जात घांची है । -- गुजरात से कांग्रेस सांसद सोमा पटेल।
(18) मोदी दाऊद इब्राहिम है । -- मनीष तिवारी , कोंग्रेस वरिष्ठ नेता , पूर्व केंद्रीय मंत्री।
(19) कांग्रेस सांसद हुसैन दलवई ने मोदी की तुलना ‘हिटलर’ और ‘पोलपोट’ से की ।
(20) मोदी निमोनिया जैसी बीमारी है । -- कांग्रेस की नेता रेणुका चौधरी।
(21) मोदी गुगा तेली है । -- वरिष्ठ कोंग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाब नबी आज़ाद,।
(22) मोदी तानाशाह है उन्हें वोट देने वाले को समुद्र में फेंक देना चाहिए --- नैशनल कांफ्रेंस के नेता फारुक अब्दुल्ला।
(23) मोदी को बांधकर जेल में ठूंस देना चाहिए।-ममता बैनर्जी
वाह रे लोकतंत्र प्रधानमंत्री को यमराज,रावण कहो तो ठीक पर पूर्व प्रधानमंत्री को जब रेन कोट पहनकर नहाने वाला कह दिया तो लोकतंत्र गलत,और क्या गलत कह दिया प्रधानमंत्री जी ने सही तो कहा क्या 2G, कोल स्कैम पूर्व प्रधानमंत्री जी के नाक के नीचे नही हुए थे,पहले कहते थे की प्रधानमंत्री संसद में नही बोलते और जब वे संसद में बोले तो कहते हैं संसद में बोलने नही देंगे ये जनता है सब जानती है और संसद में आपको भी यही भेजती है ये न हो कि आपकी इन हरकतों से आपको भी अगली बार संसद से बाहर ही कर दे,जब सामने वाले पर बोलने से नही हिचकते हो तो सुनने की भी ताक़त रखो मान्यवर।


मोदी को क्यूं इतनी "नफरत" का सामना करना पड रहा हैं। चलो इस नफरत की वजह जाऩते हैं। 
नया आधार लिंक कराने से महाराष्ट्र में 10 लाख गरीब गायब हो गए!
उत्तराखण्ड में भी कई लाख फ़र्ज़ी बीपीएल कार्ड धारी गरीब ख़त्म हो गए !
तीन करोड़ (30000000 ) से जायदा फ़र्ज़ी एलपीजी कनेक्शन धारक ख़त्म हो गए !
मदरसों से वज़ीफ़ा पाने वाले 1,95,000 फर्ज़ी बच्चे गायब हो गए!
डेढ़ करोड़ (15000000 ) से ऊपर फ़र्ज़ी राशन कार्ड धारी गायब हो गए!
ये सब क्यों और कहाँ गायब होते जा रहे हैं !
चोरो का सारा काला चिटठा खुलने वाला हैं। इसीलिए  सारे चोर ने मिलकर माननीय सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दी, कि आधार लिंक हमारे मौलिक अधिकारों का हनन है ! चोरों को प्राइवेसी का कैसा अधिकार!
1) कंपनी के MD : मोदी ने फर्जी 3 लाख से ज्यादा कम्पनियां बन्द कर दी है!
2) राशऩ डीलर नाराज़ हो गये!
3) PROPERTY DEALER नाराज़ हो गये!
4) ऑनलाइन सिस्टम बनने से दलाल नाराज़ हो गये है!
5) 40,000 फर्जी NGO बन्द हो गये है, इसलिए इन  NGO के मालिक भी नाराज़ हो गये !
6) NO 2 की INCOME से PROPERTY खरीद ने वाले नाराज़ हो गये!
7) E - TENDER होने से कुछ ठेकेदार भी नाराज़ हो गये!
8) गैस कंपनी वाले नाराज़ हो गये!
9) अब तक जो 12 करोड लोग  INCOME TAX के दायरे मै आ चुके हैं, वह लोग नाराज़ हो गये!
10) GST सिस्टम लागू होने से ब्यापारी लोग नाराज़ हो गये, क्यों कि वो लोग AUTOMATIC सिस्टम मै आ गये है!
11) वो 2 नम्बर  के काम बाले लोग फलना फूलना बन्द हो गये है!
13) BLACK को WHITE करने का सिस्टम एक दम से लुंज सा हो गया है।
14) आलसी सरकरी लोकसेवक नाराज हो गये, क्यों कि समय पर जाकर काम करना पड रहा हैं!
15) वो लोग नाराज हो गये, जो समय पर काम नही करते थे और रिश्वत देकर काम करने मे विश्वास करते है।
  दु:ख होना लाज़मी है, देश बदलाव की कहानी लिखी जा रही है, जिसे समझ आ रही है बदल रहा है जिसे नही आ रही है वो  मंद बुध्दि युवराज के मानसिक गुलाम हमे अंध भक्त कह कह कर छाती कूट रहे है।

जो भी मोदीजी को "गाली" देता दिखे तो समझ लेना की चोट काफी लगी है। 
आज से 2,500 साल पहले "चाणक्य" ने बिल्कुल सही कहा था,
"जब गद्दारों की टोली में हाहाकार हो तो समझ लो देश का 'राजा चरित्रवान और प्रतिभा संपन्न' है और 'राष्ट्र प्रगति पथ' पर अग्रसर है।"

पंखुड़ी जहीर

Forwarded as received.
Is it true?

दिल्ली में संघ कार्यालय केशव कुंज के सामने "कीस ऑफ़ लव" का आयोजन करने वाली जेएनयु की छात्रा पंखुड़ी जहीर जो आजकल हर वक्त कन्हैया कुमार से साथ घुमती देखी जाती है वो किस खानदान से है ...वो जानिये ..और सोचिये की ये कम्यूनिस्ट कितने बड़े मेनियक होते है 

नक्स्ली कि नयी हकिकत पढो ओर शेअर भी करो ।

एक था कम्युनिस्ट.........
नाम था कामरेड सज्जाद जहीर ......लखनऊ में पैदा हुए .
ये मियाँ साहब ,पहले तो progressive writers association यानि अखिल भारतीय प्रगतिशील लेखक संघ के रहनुमा बनकर उभरे ,और अपनी किताब अंगारे से इन्होने अपने लेखक होने का दावा पेश किया ............

बाद मे ये जनाब भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सर्वेसर्वा बने , मगर बाबू साहब की रूह मे तो इस्लाम बसता था , इसीलिए 1947 मे नये इस्लामी देश बने ,पाकिस्तान मे जाकर बस गये ,इनकी बेगम रजिया सज्जाद जहीर भी उर्दू की लेखिका थी .......

सज्जाद जहीर , 1948 मे कलकत्ता के कम्युनिस्ट पार्टी के सम्मेलन मे भाग लेने कलकत्ता पहुँचे ,और वहाँ कुछ मुसलमानो ने कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया से अलग होकर CPP यानि कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ पाकिस्तान का गठन कर लिया , जो बांग्लादेश मे तो फली - फूली ......
मगर पाकिस्तान मे , सज्जाद जहीर , मशहूर शायर लेखक  फैज अहमद फैज , शायर अहमद फराज , रजिया सज्जाद जहीर ,और कुछ पाकिस्तानी जनरलो ने मिलकर रावलपिंडी षडयंत्र केस मे पाकिस्तान मे सैन्य तख्ता पलट का प्रयास किया और पकडे जाने पर जेल मे डाल दिये गये । सज्जाद जहीर, अहमद फराज  और फैज अहमद फैज को लंबी सजाऐ सुनाई गई .......

जेल  से रिहा होने के बाद सज्जाद जहीर भारत आया और खुद को शरणार्थी घोषित करके कांग्रेस सरकार से भारतीय नागरिता मांगी ..और कांग्रेस सरकार ने सज्जाद को भारतीय नागरिकता दे दिया ...

अब आगे की कथा सुनिये , इन मियाँ साहब, सज्जाद जहीर और रजिया जहीर की चार बेटियाँ थी .

1- नजमा जहीर बाकर , पाकिस्तानी सज्जाद जहीर की सबसे बडी बेटी , जो कि नेहरू के मदरसे ,JNU मे biochemistry की प्रोफेसर है ........

2- दूसरी बेटी नसीम भाटिया है ............

3- सज्जाद जहीर की तीसरी बेटी है ,नादिरा बब्बर जिसने फिल्म एक्टर और कांग्रेस सांसद राज बब्बर से शादी की है , इनके दो बच्चे है , आर्य बब्बर और जूही बब्बर .................

4- सज्जाद जहीर की चौथी और सबसे छोटी बेटी का नाम है नूर जहीर , ये मोहतरमा भी लेखिका है , और JNU से जुडी है ..

नूर जहीर ने शादी नही की और जीवन भर अविवाहित रहने के अपने फैसले पर आज भी कायम है । चूँकि नूर जहीर ने शादी ही नही की , तो बच्चो का तो सवाल ही पैदा नही होता ..... मगर रूकिये , यहाँ आपको निराश होना पडेगा . अविवाहित होने के बावजूद , नूर जहीर के चार बच्चे है , वो भी चार  अलग - अलग पुरूषो से ....................

इन्ही नूर जहीर और ए. दासगुप्ता की दूसरी संतान है पंखुडी जहीर ,अरे नही चौंकिये मत .........

ये वही पंखुडी जहीर है ,जिसने कुछ ही वर्षो पहले दिल्ली मे संघ ऑफिस केशव कुञ्ज के सामने  खुलेआम चूमा- चाटी के लिए , किस ऑफ लव ( kiss of love ) के नाम से इवेंट आयोजित किया था । जी हाँ , ये वही है जो कन्हैयाकुमार वाले मामले मे सबसे ज्यादा उछल कूद मचा रही थी । इसे JNU मे कन्हैयाकुमार की सबसे विश्वश्त सहयोगी माना जाता है । खुले आम सिगरेट , शराब , और अनेको व्यसनो की शौकीन ,इन जैसी लडकियाँ जब महिला अधिकारो के नाम पर बवंडर मचाती है। तो सच मे पूछ लेने को दिल करता है ,कि तुम्हारा खानदान क्या है ??????????
और क्या है तुम्हारे संस्कार ???????
बिन ब्याही माँ की ,दो अलग अलग पुरूषो से उत्पन्न चार संतानो मे से एक पंखुडी जहीर जैसी औरते , खुद औरतो के नाम पे जिल्लत का दाग है ...........
शायद मेरी ये पोस्ट पाकिस्तान , इस्लामियत , कम्युनिस्टो का सडन भरा अतीत , इनकी मानसिकता , इनका खानदान , और इनके संस्कार बयां करने को काफी है ..........
इन्ही जैसे लोगो ने JNU की इज्जत मे चार चाँद लगा रखे है ....................
पाकिस्तान मे कम्युनिस्ट पार्टी आज तक 01% वोट भी नही जुटा पाये , कुल 176 वोट मिलते है इन्हे .........
और पाकिस्तानी सज्जाद जहीर की औलादे , कम्युनिस्टो का चोला पहनकर भारत की बर्बादी के नारे लगा रहे है .....
समझ मे आया ???? JNU के कामरेडो का पाकिस्तान प्रेम और कश्मीर के मुद्दे पर नौटंकी करने का असली उद्देश्य ......................
क्या कारण है कि ये पंखुडी दासगुप्ता ना लिखकर खुद को पंखुडी जहीर लिखती है ........?????
और हाँ , इसकी सगी मौसी के लडके , नादिरा बब्बर और राज बब्बर की संतान ,फिल्म एक्टर आर्य बब्बर का घर का नाम सज्जाद है ...........
।। जय हिन्द ।।

साभार --व्हाट्स एप

Friday, 10 February 2017

Temples

Very interesting -  Can you guess what is common between all these prominent temples.

1. Kedarnath
2. Kalahashti
3. Ekambaranatha- Kanchi
4. Thiruvanamalai
5. Thiruvanaikaval
6. Chidambaram Nataraja
7. Rameshwaram
8. Kaleshwaram N-India 

If your answer is they all are Shiva temples,  you are only partially correct.

It is actually the longitude in which these temples are located.

They all are located in 79° longitude. 
What is surprising and awesome is that how the architects of these temples many hundreds of kilometers apart came up with these precise locations without GPS or any such gizmo like that.
Wow.. 

1. Kedarnath 79.0669°
2. Kalahashti 79.7037°
3. Ekambaranatha- Kanchi 79.7036°
4. Thiruvanamalai 79.0747°
5. Thiruvanaikaval 78.7108
6. Chidambaram Nataraja 79.6954°
7. Rameshwaram 79.3129°
8. Kaleshwaram N-India 79.9067°

See the picture -- all are in a straight line.

Thursday, 9 February 2017

कर्नल निजामुद्दीन

नेताजी के आख़िरी सिपाही की मौत, जिनका पैर छू मोदी ने शुरू किया था अभियान
 एक रिपोर्ट......

9 मई, 2014 को बनारस में कर्नल निजामुद्दीन के पैर छूते मोदी
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आज़ाद हिंद फौज के आखिरी सिपाही निजामुद्दीन 116 साल की उम्र में गुजर गए. कल 6 फरवरी, 2017  को उन्होंने आजमगढ़ के मुबारकपुर में आखिरी सांस ली. निजामुद्दीन नेताजी के पर्सनल ड्राइवर भी थे और बॉडीगार्ड भी. कहा जा रहा है कि कर्नल निजामुद्दीन अभी दुनिया में सबसे ज्यादा उम्र के इंसान थे. कर्नल निजामुद्दीन आजमगढ़ में अपनी पत्नी अजबुल निशा और अपने छोटे बेटे शेख अकरम के साथ रहते थे. निशा की उम्र भी 107 साल है.

ये वही निजामुद्दीन हैं,  मंच पर जिनके पैर छूकर नरेंद्र मोदी ने आशीर्वाद लिया था. बनारस में अपना लोकसभा चुनाव प्रचार शुरू किया था. फिर मोदी प्रधानमंत्री भी बने. पिछले साल नेताजी से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक करने की प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद निजामुद्दीन की बूढ़ी आंखों में उम्मीद की नई चमक दिखाई दी थी. उस समय निजामुद्दीन ने कहा था कि उनके गायब होने के रहस्य से पर्दा हटाने के लिए जान देने में भी पीछे नहीं रहूंगा. वो इस बात पर भी जोर देते थे कि फाइलों के अलावा बोस को लेकर बने मुखर्जी आयोग की रिपोर्ट भी सार्वजनिक की जाए.

 
‘नेताजी विमान हादसे में नहीं मरे थे’
कर्नल निजामुद्दीन नेताजी सुभाष चंद्र बोस के 1945 में विमान हादसे में मारे जाने वाली थ्योरी का सिरे से खंडन करते थे. उनका दावा था कि आजादी के वक्त नेताजी जिंदा थे. उनका ये भी कहना था कि कुछ लोगों ने अपना हित साधने के लिए जान बूझ के नेताजी की मौत की अफवाह उड़ाई थी. निजामुद्दीन के मुताबिक वो खुद नेताजी को क्रैश के 3-4 महीने बाद बर्मा- थाईलैंड बॉर्डर पर छोड़ के आए थे.

आजाद हिंद फौज का आईकार्ड अपने पास सुरक्षित रखे निजामुद्दीन से पिछले दिनों नेताजी की परपोती राज्यश्री चौधरी ने मुलाकात की थी. नेताजी से उनसे आखिरी मुलाकात के बारे में जब राज्यश्री ने पूछा तो निजामुद्दीन बोले,

‘मैं वो दिन जीते जी कभी नहीं भूल सकता हूं. मैंने बर्मा-थाईलैंड बॉर्डर पर सीतांगपुर नदी के पास कार से उतारा था. मैं उनके साथ खुद भी जाना चाहता था लेकिन उन्होंने यह कहकर वापस भेज दिया कि हम आजाद भारत में मिलेंगे. इसके बाद नेताजी से मेरी कोई मुलाकात नहीं हुई.’

कर्नल निजामुद्दीन, नेताजी सुभाष चंद्र बोस के बॉडीगार्ड और पर्सनल ड्राइवर थे.
जब नेताजी ने निजामुद्दीन को बोला ‘कर्नल’:
निजामुद्दीन एक वाकया सुनाया करते थे,

एक बार बर्मा के घने जंगल में मैं और नेता जी साथ थे. नेता जी ने मुंह पोंछने के लिए जेब से रुमाल निकाली तो गिर गई.जैसे ही मैं रुमाल उठाने के लिए झुका तो झाड़ी से नेताजी को निशाने पर लेकर करके तीन गोलियां चलीं. मैं नेताजी के सामने आ गया और तीनों गोलियां मेरी पीठ में लग गईं. जवाबी फायरिंग में झाड़ी में छिपे अंग्रेज दुश्मन की मौत हो गई. फिर मैं बेहोश हो गया. जब होश आया तो नेताजी को मैंने अपने ऊपर झुका हुआ पाया. उसी समय नेताजी ने मुझे ‘कर्नल’ कहकर पुकारा था. मैंने नेताजी से कहा था कि मुझे पद नहीं मेरा देश और आपका साथ प्यारा है. आजाद हिंद फौज के क्रांतिकारी सिपाही डा. लक्ष्मी सहगल ने बंदूक की संगीन गर्म करके मेरी पीठ पर लगी गोलियों को निकाला था.

नेताजी की परपोती राज्यश्री चौधरी गोलियों के निशानों की तस्वीर खींचती हुई(अंतिम तीसरे चित्र में)
इसी के साथ आजाद हिंद फौज अब बस डाक्यूमेंट्स और किस्सों में रह गई. निजामुद्दीन इस फौज के आखिरी सिपाही थे

Tuesday, 7 February 2017

Attachment in Detachment

Attachment in Detachment ----- Written by Sudha Murti wife of Narayan Murti
🔹🔸🔹🔸🔹🔸
When my daughter, the older of my two, wed and left home, I felt a part of me gone.

With a daughter and a son, I know what both mean, differently.

When she was in her teens I felt as if she was my "physical extension" !

So when she left home to set up her own, I felt I lost a limb.

Next time she came to stay with us, I was astonished how her priorities had changed.

We too must've given the same shocks to our own parents !

When she said Amma,
she meant her mother-in-law, not me!

I felt she was always in a hurry to go back to her house and not stay with me for a few more days.

 That was the first time, it dawned on me that I have to start practising detachment with attachment.

Two years after my daughter’s marriage, my son left for higher studies to US.

Having experienced a child's separation once, I was better equipped emotionally.

I plunged head long into various classes held in the city starting from vedanta to healing to ikebana -
 I just wanted to be away from home..since my husband was a 24/7 workaholic.

My son used to write how he was missing my home cooked food, how he was waiting to come back to live in Chennai with us ...

After a few years, he did come back and we got him married.

He started living separately with his wife and we were also happy that they wanted to be independant from the beginning...

But now, it was all changed !

When in the U S, he missed my cooking, now if I called him to come over with his wife for a meal, it was always some excuse like "oh, amma, we have other plans for the day, please don't mistake us if we don't drop in today" !

I could see that his priorities had also changed completely..

We talk so many things and give so much advice to others, but when it comes to our own children, acceptance comes very late. Our next step is to just leave them undisturbed
in every way.

It was at that time, that I made the following, my 'new profile'.

In all my relationships , rather interactions, I give my best and do my best to live up to what I say.

My attachment with them is complete.

However, I remain detached in the sense that I do not expect them to reciprocate my affection.

Most importantly, I make a conscious effort , not to interfere or pass judgements on the lives they choose to lead.

My concern for my near and dear ones will not fade with my detachment.

If you let go of the ones you love, they will never go away –
this is the beauty of attachment with detachment !

I have learnt to love and let go.

This dictum has developed tolerance in me.

When I let the people live the way they want to, I learn to accept them for what they are.

Most importantly ,
I learn to tolerate the world around me and this tolerance brings in me a sense of peace and contentment.

Since both my children live in Chennai, I follow this very strictly, you know why !

Now I have realised that we start growing mentally much more only after the children leave the house and we have to tackle the emotional vacuum, that arises, along with age-related problems .

I specially dedicate this post to my  friends, who are  totally  dependant  on their  children's lives, to nurture their  own  selves  emotionally.

Please develop your  own  intersts, hobbies  etc, however mundane they  seem to be..

We must learn
To love whatever  we  do
instead of
Doing whatever we love !!
🍀🍀🍀🍀

Saturday, 4 February 2017

we grew up

Don't know who wrote this... But beautiful 

Somewhere between “Crying loudly to seek attention” 
and “Crying silently to avoid attention”, 
we grew up!!

Somewhere between 
“Katti!!” and “Blocked”, 
we grew up!!

Somewhere between 
“ 7 pani puris for 1 rupee” and 
“1 pani puri for 7 rupees”, 
we grew up!!

Somewhere between 
“Ground mai aaja” and 
“Online aaja”, 
we grew up!!

Somewhere between 
“Craving for pizza” and 
“Craving for home food”, 
we grew up!

Somewhere between 
“Believing in happy endings” and “Accepting the reality”, 
we grew up!!

Somewhere between 
“stealing eclairs of your sis” and “Bringing Silk for her”, 
we grew up!!

Somewhere between 
“Just five more mins Mom” and “Pressing the snooze button”, 
we grew up!!

Somewhere between 
“Broken Pencils” and 
“Broken Hearts”, 
we grew up!!

Somewhere between 
“Crying out loud just to get what we want” and 
“Holding our tears when we are broken inside”, 
we grew up!!

Somewhere between 
“We are Best Friends Forever” and “Knowing that nothing truly lasts”, 
we grew up!!

Somewhere between 
“I want to grow up” and 
“I want to be a child again”, 
we grew up!!

Somewhere between 
“Lets meet and plan” and 
“Lets plan and meet”, 
we grew up!!

Somewhere between 
“Eagerly waiting” and 
“Forever waiting”, 
we grew up!!

Somewhere between 
“Parents fulfilling our wish” and 
“We Fulfilling our parent’s dream”, 
we grew up!!

Somewhere between 
“Waking up at 6 am” and 
“Sleeping at 6 am”, 
we grew up!!

And as we grew up, we realized how, silently but surely ,our lives have changed...!! 😊