Thursday, 29 December 2016

share these meanings as majority of us dont know Abbreviations

🕸🕸🕸🕸🕸🕸🕸
*1 PAN* -permanant account numbe
*2. PDF*-portable document format
*3. SIM -*-Subscriber Identity Module
*4. ATM -* -Automated Teller machine
*5. IFSC -*-Indian Financial system code

1.) *GOOGLE* - Global Organization Of Oriented Group Language Of Earth.
2.) *YAHOO* - Yet Another Hierarchical Officious Oracle.
3.) *WINDOW* - Wide Interactive Network Development for Office work Solution.
4.) *COMPUTER* - Common Oriented Machine Particularly United and used under Technical and Educational Research.
5.) *VIRUS* - Vital Information Resources Under Siege.
6.) *UMTS* - Universal Mobile Telecommunicati ons System.
7.) *AMOLED* - Active-matrix organic light-emitting diode.
8.) *OLED* - Organic light-emitting diode.
9.) *IMEI* - International Mobile Equipment Identity.
10.) *ESN* - Electronic Serial Number.
11.) *UPS* - Uninterruptible power supply.
12. *HDMI* - High-Definition Multimedia Interface.
13.) *VPN* - Virtual private network.
14.) *APN* - Access Point Name.
15.) *SIM* - Subscriber Identity Module.
16.) *LED* - Light emitting diode.
17.) *DLNA* - Digital Living Network Alliance.
18.) *RAM* - Random access memory.
19.) *ROM* - Read only memory.
20.) *VGA* - Video Graphics Array.
21.) *QVGA* - Quarter Video Graphics Array.
22.) *WVGA* - Wide video graphics array.
23.) *WXGA* - Widescreen Extended Graphics Array.
24.) *USB* - Universal serial Bus.
25.) *WLAN* - Wireless Local Area Network.
26.) *PPI* - Pixels Per Inch.
27.) *LCD* - Liquid Crystal Display.
28.) *HSDPA* - High speed down-link packet access.
29.) *HSUPA* - High-Speed Uplink Packet Access.
30.) *HSPA* - High Speed Packet Access.
31.) *GPRS* - General Packet Radio Service.
32.) *EDGE* - Enhanced Data Rates for Globa Evolution.
33.) *NFC* - Near field communication.
34.) *OTG* - On-the-go.
35.) *S-LCD* - Super Liquid Crystal Display.
36.) *O.S* - Operating system.
37.) *SNS* - Social network service.
38.) *H.S* - HOTSPOT.
39.) *P.O.I* - Point of interest.
40.) *GPS* - Global Positioning System.
41.) *DVD* - Digital Video Disk.
42.) *DTP* - Desk top publishing.
43.) *DNSE* - Digital natural sound engine.
44.) *OVI* - Ohio Video Intranet.
45.) *CDMA* - Code Division Multiple Access.
46.) *WCDMA* - Wide-band Code Division Multiple Access.
47.) *GSM* - Global System for Mobile Communications.
48.) *WI-FI* - Wireless Fidelity.
49.) *DIVX* - Digital internet video access.
50.) *APK* - Authenticated public key.
51.) *J2ME* - Java 2 micro edition.
52.) *SIS* - Installation source.
53.) *DELL* - Digital electronic link library.
54.) *ACER* - Acquisition Collaboration Experimentation Reflection.
55.) *RSS* - Really simple syndication.
56.) *TFT* - Thin film transistor.
57.) *AMR*- Adaptive Multi-Rate.
58.) *MPEG* - moving pictures experts group.
59.) *IVRS* - Interactive Voice Response System.
60.) *HP* - Hewlett Packard.
*Do we know actual full form of some words???* 
*🔗News paper =* 
_North East West South past and present events report._
*🔗Chess =*
_Chariot, Horse, Elephant, Soldiers._
*🔗Cold =*
_Chronic Obstructive Lung Disease._
*🔗Joke =*
_Joy of Kids Entertainment._
*🔗Aim =*
_Ambition in Mind._
🔗Date =
_Day and Time Evolution._
*🔗Eat =*
_Energy and Taste._
*🔗Tea =*
_Taste and Energy Admitted._
*🔗Pen =*
_Power Enriched in Nib._
*🔗Smile =*
_Sweet Memories in Lips Expression._

*🔗SIM =*
_Subscriber Identity Module_

*🔗etc. =*
_End of Thinking Capacity_
*🔗OK =*
_Objection Killed_

*🔗Or =*
_Orl Korec (Greek Word)_

*🔗Bye =*♥
_Be with you Everytime._

*👌👌👌👌👌👌👌👌

Tuesday, 27 December 2016

कोई लौटा दे.. मेरे बीते हुए दिन।।

: हमारे बचपन में कपड़े तीन टाइप के
ही होते थे •••
स्कूल का ••• घर का ••• और किसी
खास मौके का ••• 
 
अब तो ••• कैज़ुअल, फॉर्मल, नॉर्मल,
स्लीप वियर, स्पोर्ट वियर, पार्टी वियर,
स्विमिंग, जोगिंग, संगीत ड्रेस,
फलाना - ढिमका •••

जिंदगी आसान बनाने चले थे ••• पर
वह कपड़ों की तरह कॉम्प्लिकेटेड हो
गयी है •••🤕🤕🤔🤔

 बचपन में पैसा जरूर कम था
पर साला उस बचपन में दम था"
.
"पास में महंगे से मंहगा मोबाइल है
पर बचपन वाली गायब वो स्माईल है"
.
"न गैलेक्सी, न वाडीलाल, न नैचुरल था,
पर घर पर जमीं आइसक्रीम का मजा ही कुछ ओर था"
.
अपनी अपनी बाईक और  कारों में घूम रहें हैं हम
पर किराये की उस साईकिल का मजा ही कुछ और था

"बचपन में पैसा जरूर कम था
पर यारो उस बचपन में दम था

*कभी हम भी.. बहुत अमीर हुआ करते थे* *हमारे भी जहाज.. चला करते थे।*

*हवा में.. भी।*
*पानी में.. भी।*

*दो दुर्घटनाएं हुई।*
*सब कुछ.. ख़त्म हो गया।*

                *पहली दुर्घटना* 

जब क्लास में.. हवाई जहाज उड़ाया।
टीचर के सिर से.. टकराया।
स्कूल से.. निकलने की नौबत आ गई।
बहुत फजीहत हुई।
कसम दिलाई गई।
औऱ जहाज बनाना और.. उडाना सब छूट गया।



                 *दूसरी दुर्घटना*

बारिश के मौसम में, मां ने.. अठन्नी दी।
चाय के लिए.. दूध लाना था।कोई मेहमान आया था।
हमने अठन्नी.. गली की नाली में तैरते.. अपने जहाज में.. बिठा दी।
तैरते जहाज के साथ.. हम शान से.. चल रहे थे।
ठसक के साथ।
खुशी खुशी।
अचानक..
तेज बहाब आया।
और..
जहाज.. डूब गया।

साथ में.. अठन्नी भी डूब गई।
ढूंढे से ना मिली।

मेहमान बिना चाय पीये चले गये।
फिर..
जमकर.. ठुकाई हुई।
घंटे भर.. मुर्गा बनाया गया।
औऱ हमारा.. पानी में जहाज तैराना भी.. बंद हो गया।

आज जब.. प्लेन औऱ क्रूज के सफर की बातें चलती हैं , तो.. उन दिनों की याद दिलाती हैं।

वो भी क्या जमाना था !

और..
आज के जमाने में..
मेरे बेटी ने...   
पंद्रह हजार का मोबाइल गुमाया तो..

मां बोली ~ कोई बात नहीं ! पापा..
दूसरा दिला देंगे।

हमें अठन्नी पर.. मिली सजा याद आ गई।

फिर भी आलम यह है कि.. आज भी.. हमारे सर.. मां-बाप के चरणों में.. श्रद्धा से झुकते हैं।

औऱ हमारे बच्चे.. 'यार पापा ! यार मम्मी !
कहकर.. बात करते हैं।
हम प्रगतिशील से.. प्रगतिवान.. हो गये हैं।

    

Monday, 26 December 2016

Shivaji statue

Many are cribbing about the cost of *Shivaji statue*  
What they do not know is, this statue is a masterstroke by our PM Modi which will pay for itself many times over.

The statue is made of Amorphous Silicon, Cadmium Telluride & Copper Indium Gallium Selenide. This is exactly the same material used to make solar cells. Our government consulted with Dr. Immonen Kirsi, Senior Solar Scientist at VTT Research, Finland to develop technology to mould these materials into a statue form. This research took 2.5 years & on December 3rd, Dr. Kirsi sent an email to Modi Sir that it is now ready for mainstream use. The statue has capability to generate enough electricity to power all government offices in Mumbai.

The statue also has Radial Uniform Projection And Ranging(RUPAR) technology to track boats in the Arabian Sea to prevent a repeat of the 2008 Mumbai attack where the terrorists entered India through the sea. RUPAR is the next generation of SONAR technology and has been developed at the Indian Institute of Science. 

Congratulations to all Scientists...🇮🇳🇮🇳🇮🇳👍

Friday, 23 December 2016

शिवाजी महाराज

पीएम मोदी आज समंदर में छत्रपति शिवाजी की मूर्ति की रखेंगे नींव

मुंबई: महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी की मूर्ती की कल नीव रखी जाएगी. इसको लेकर राज्य सरकार बड़ी तैयारी में जुटी हुई है. स्मारक की भव्यता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि स्मारक को बनाने में आने वाला खर्च 3 हजार 6 सौ करोड़ रुपए है. महाराष्ट्र में स्थानीय चुनाव होने जा रहे हैं ऐसे में इस स्मारक को लेकर राजनीति शुरु हो गई है.

शिवाजी का ये स्मारक मुंबई के अरब सागर में समंदर तट से डेढ़ किलोमीटर अंदर होगा. स्मारक में छत्रपति शिवाजी की विशालकाय मूर्ति होगी. जिसकी ऊंचाई घोड़े समेत 192 मीटर यानी 630 फीट होगी. सिर्फ शिवाजी के पुतले की ही ऊंचाई करीब 114 मीटर यानी करीब 375 फीट है. 32 एकड़ के चट्टान पर स्मारक तैयार किया जाएगा जहां 10 हजार लोग एक साथ विजिट कर सकते हैं.

आपको बता दें कि शिवाजी की इस मूर्ति की तुलना पूरी दुनिया में मशहूर न्यू यॉर्क के स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से भी की जा रही है. जिसकी कुल ऊंचाई करीब 93 मीटर है. ऊंचाई के लिहाज से स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से काफी ऊंची होगी शिवाजी की मूर्ति. यही नहीं स्मारक पर मंदिर, लाइब्रेरी, एम्पीथिएटर, फूड कोर्ट, ऑडियो गायडेड टुअर जैसी सुविधाएं भी होंगी. इस भव्य स्मारक का कुल खर्च आंका गया है करीब 3600 करोड़ रुपये.

शिवाजी की मूर्ति को डिजाइन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है मशहूर शिल्पकार और पद्मभूषण राम सुतार को. जिन्होंने इससे पहले स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी यानी सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति का डिजाइन भी तैयार किया था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल खुद इस स्मारक की नींव रखेंगे. स्मारक के भूमि पूजन के लिए राज्य के 36 जिलों से कलश और मिट्टी भी मंगाई गई है. लेकिन भूमिपूजन से पहले ही शिवाजी के स्मारक पर राजनीति तेज हो गई है. विपक्ष का कहना है कि स्थानीय निकाय चुनाव को देखते हुए बीजेपी शिवाजी के स्मारक पर राजनीति कर रही है. खास बात ये है कि पिछले कुछ महीने से मराठा समाज ने राज्य में आंदोलन खड़ा कर रखा है. आरक्षण का ये मामला कोर्ट में लंबित है. जानकार मान रहे है की स्मारक की आड़ में बीजेपी मराठाओं को लुभाने की कोशिश कर रही है, लेकिन बीजेपी का साफ कहना है कि स्मारक राजनीतिक एजेंडा नहीं है.

कांग्रेस का ये भी कहना है कि शिवाजी के स्मारक का प्रोजेक्ट कांग्रेस का ही था जिसे बीजेपी ने हथिया लिया है. स्मारक पर होने वाले खर्च को लेकर कई एक्टिविस्ट सवाल भी उठा रहे हैं. वरिष्ठ पत्रकार करिश्मा उपाध्याय ने स्मारक के विरोध में ऑनलाइन पिटीशन भी दाखिल की है. सवाल उठाने वालों का तर्क है कि इस प्रोजेक्ट की लागत BMC के एक साल के स्वास्थ्य बजट के बराबर है.

Thursday, 1 December 2016

मेजर शैतान सिंह

शैतान सिंह: वो परमवीर मेजर, जो मरने तक अपने पैर से मशीन-गन चलाता रहा
जन्म दिन विशेष ....शत शत नमन

18 नवंबर 1962. सुबह होने को थी. बर्फीला धुंधलका पसरा था. सूरज 17,000 फीट की ऊंचाई तक अभी नहीं चढ़ सका था. लद्दाख में ठंडी और कलेजा जमा देने वाली हवाएं चल रही थीं. यहां सीमा पर भारत के पहरुए मौजूद थे. 13 कुमायूं बटालियन की ‘सी’ कम्पनी चुशूल सेक्टर में तैनात थी. बटालियन में 120 जवान थे, जिनके पास इस पिघला देने वाली ठंड से बचने के लिए कुछ भी नहीं था. वो इस माहौल के लिए नए थे. इसके पहले उन्हें इस तरह बर्फ के बीच रहने का कोई अनुभव न था.

तभी सुबह के धुंधलके में रेजांग ला (रेजांग पास) पर चीन की तरफ से कुछ हलचल शुरू हुई. बटालियन के जवानों ने देखा कि उनकी तरफ रोशनी के कुछ गोले चले आ रहे हैं. टिमटिमाते हुए. बटालियन के अगुआ मेजर शैतान सिंह थे. उन्होंने गोली चलाने का आदेश दे दिया. थोड़ी देर बाद उन्हें पता चला कि ये रोशनी के गोले असल में लालटेन हैं. इन्हें कई सारे यॉक के गले में लटकाकर चीन की सेना ने भारत की तरफ भेजा था. ये एक चाल थी. अक्साई चीन को लेकर चीन ने भारत पर हमला कर दिया था.

चीनी सेना पूरी तैयारी से थी. ठंड में लड़ने की उन्हें आदत थी और उनके पास पर्याप्त हथियार भी थे. जबकि भारतीय टुकड़ी के पास 300-400 राउंड गोलियां और 1000 हथगोले ही थे. बंदूकें भी ऐसी जो एक बार में एक फायर करती थीं. इन्हें दूसरे वर्ल्ड-वार के बाद बेकार घोषित किया गया था. चीन को इस बात की जानकारी थी. इसीलिए उसने टुकड़ी की गोलियां ख़त्म करने के लिए ये चाल चली थी. चीन के सैनिकों ने आगे बढ़ना शुरू कर दिया था.

मेजर शैतान सिंह ने वायरलेस पर सीनियर अधिकारियों से बात की. मदद मांगी. सीनियर अफसरों ने कहा कि अभी मदद नहीं पहुंच सकती. आप चौकी छोड़कर पीछे हट जाएं. अपने साथियों की जान बचाएं. मेजर इसके लिए तैयार नहीं हुए. चौकी छोड़ने का मतलब था हार मानना. उन्होंने अपनी टुकड़ी के साथ एक छोटी सी मीटिंग की. सिचुएशन की ब्रीफिंग दी. कहा कि अगर कोई पीछे हटना चाहता हो तो हट सकता है लेकिन हम लड़ेंगे. गोलियां कम थीं. ठंड की वजह से उनके शरीर जवाब दे रहे थे. चीन से लड़ पाना नामुमकिन था. लेकिन बटालियन ने अपने मेजर के फैसले पर भरोसा दिखाया. दूसरी तरफ से तोपों और मोर्टारों का हमला शुरू हो गया. चीनी सैनिकों से ये 120 जवान लड़ते रहे. दस-दस चीनी सैनिकों से एक-एक जवान ने लोहा लिया. इन्हीं के लिए कवि प्रदीप ने लिखा ”दस-दस को एक ने मारा, फिर गिर गए होश गंवा के. जब अंत समय आया तो कह गए कि हम चलते हैं. खुश रहना देश के प्यारों, अब हम तो सफ़र करते हैं.’‘

ज्यादातर जवान शहीद हो गए और बहुत से जवान बुरी तरह घायल हो गए. मेजर खून से सने हुए थे. दो सैनिक घायल मेजर शैतान सिंह को एक बड़ी बर्फीली चट्टान के पीछे ले गए. मेडिकल हेल्प वहां मौजूद नहीं थी. इसके लिए बर्फीली पहाड़ियों से नीचे उतरना पड़ता था. मेजर से सैनिकों ने मेडिकल हेल्प लेने की बात की लेकिन उन्होंने मना कर दिया.

उन्होंने सैनिकों को आदेश दिया कि एक मशीन गन लेकर आओ. मशीन गन आ गई. उन्होंने कहा कि गन के ट्रिगर को रस्सी से मेरे एक पैर से बांध दो. उनके दोनों हाथ लथपथ थे. उन्होंने रस्सी की मदद से अपने एक पैर से फायरिंग करनी शुरू कर दी. उन्होंने दोनों जवानों से कहा कि सीनियर अफसरों से फिर से संपर्क करो. दोनों सैनिक वहां से चले गए.

मेजर वहां लड़ते रहे. बाद में उनके बारे में कुछ नहीं पता चला. तीन महीने बाद जब बर्फ पिघली और रेड क्रॉस सोसायटी और सेना के जवानों ने उन्हें खोजना शुरू किया तब एक गड़रिये ने बताया कि एक चट्टान के नीचे कोई दिख रहा है. लोग उसी चट्टान के नीचे पहुंचे जहां मेजर ने मशीन-गन से चीनी सैनिकों का मुकाबला किया था. उस जगह उनका शव मशीन-गन के साथ मिला. पैरों में अब भी रस्सी बंधी हुई थी. बर्फ की वजह से उनका शरीर जम गया था.

पता नहीं कितनी देर तक वो चीनी सैनिकों से लड़ते रहे और कब बर्फ ने उन्हें अपने आगोश में ले लिया. उनके साथ उनकी टुकड़ी के 114 जवानों के शव भी मिले. बाकी लोगों को चीन ने बंदी बना लिया था. हालांकि भारत युद्ध हार गया था लेकिन बाद में पता चला कि चीन की सेना का सबसे ज्यादा नुकसान रेजांग ला पर ही हुआ था. चीन के करीब 1800 सैनिक इस जगह मारे गए थे. ये एकमात्र जगह थी जहां भारतीय सेना ने चीनी सेना को घुसने नहीं दिया था.

बाद में मेजर शैतान सिंह का उनके होमटाउन जोधपुर में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. इसके बाद उन्हें देश का सबसे बड़ा वीरता पुरस्कार परमवीर चक्र मिला. आज उनका जन्मदिन है. उनके साहस को सलाम.


(चित्र में मेजर शैतान सिंह...)

surname in Maharashtra

surname in Maharashtra
.
Colourful maharashtrians
.
- काळे
गोरे
पांढरे
काळभोर
हिरवे
पिवळे
ढवळे
.
.
Some Metallic Maharashtrians
.
पितळे
तांबे
लोखंडे
सोनार
चांदेकर
रत्नपारखी
हिरेखण
.
Facial Maharashtrian
.
टकले
दाते
कानफाडे
नकटे
बोबडे
तोतडे
डोळस
डोईफोडे
.
Professional Maharashtrians –
.
दिवेकर
वैद्य
वकील
भगत
चिटणीस
दिवाण
भालदार
कुलकर्णी
ऊद्धव
पारधी
शास्त्री
गोसावी
सुतार
जोशी
गुरु
पंडित
.
Vegetable Maharashtrians
.
आंबेकर
काकडे
देठे
दुधे
बुधे
केळकर
भाजीखाये
नारळे
मुळे
पिंपळकर
वाले
भेंडे
फुलमाळी
भाजीपाले
.
Animal Maharashtrians
.
मांजरेकर
कोल्हे
कावळे
तितरमारे
वाघ
घारपुरे
वाघमारे
लांडगे
गरुड़
घारे
किटकुले
उंदीरवाडे
.
.
Funny Maharashtrians
.
भूत
लिडबीडे
वडाभात
पोटभरे
पोटदुखे
पोटपुसे
पोटे
उकिडवे
वाडीभस्मे
रागीट
.
Very Common Maharashtrians
.
मेश्राम
बालपांडे
गेडाम
देशपांडे
देशमुख
सहारे
मडावी
बारापात्रे
पाटील
.
Money Oriented Maharashtrians
.
लाखे
सव्वालाखे
पगारे
शंभरकर
हजारे
चिकटे
पन्नासे
फुकटे
बावनकर
तनखीवाले
परीपगार
.
Loud Maharashtrians
.
आकांत
गोंधळी
केकतपुरे
बोंबले
.
Village maharashtrian
.
शेगावकर
नागपुरे
पंढरपुरे
रामटेके
पिंपलगावकर
डोंगरकर
.
Killer maharashtrian
.
वाघमारे
कुत्तरमारे
मानुसमारे
तितरमारे
..😃😃😃

Tuesday, 29 November 2016

काला धन सफेद में

एक पेट्रोल पम्प प्रतिदिन 5लाख का भी पेट्रोल भरता है, और उसमें से एक लाख रुपये भी, यदि 100₹ या उससे छोटे नोट हैं, जो कि प्रचलन में है, तो वह उन्हें बैंक में जमा नहीं कराते, न ही ग्राहकों को वापस करते हैं। वे इस एक लाख के बदले सवा लाख या डेढ़ लाख का काला धन एक्सचेंज करते हैं।
यही कार्य बिजली पानी के बिलों में और स्वयं बैंक कर्मचारी भी कर रहे हैं।
मार्केट में 25 से 30% के कमीशन से बड़े नोट बदलवाने का धंधा जोरों पर है।
इसलिए जो भी प्रचलित मुद्रा बैंक से पब्लिक में जा रही है वह वापस बैंक में नहीं आ रही है। इसलिए नगदी संकट गहराता जा रहा है।
इसे एक उदाहरण द्वारा समझें।
मान लीजिए मै बिजलीघर में कैशियर हूँ। दिन भर के कलेक्शन में 50 लाख रुपये आये।
इनमें से 5लाख छोटे नोट हैं, तो मै इन्हें बैंक में जमा न करके किसी अन्य से बड़े नोट लेकर, 50लाख आगे जमा करवाता हूँ। इस प्रकार मैने एक ही दिन में 5लाख काला धन सफेद में बदल दिया। इन 5 लाख में से 4 लाख काले धन के स्वामी के, और एक लाख मेंरा हुआ।
देश में कुल बिजलीघर और पेट्रोल पम्प जैसे इस प्रकार के यदि 10 लाख काउंटर हैं तो प्रतिदिन न्यूनतम 10लाख गुणा पांच लाख रुपये, काला से सफेद हो रहा है।
दूसरी बात, ये लोग प्रचलित छोटे नोटों को दबाकर बैठ जाते हैं, जिससे ये बैंक तक वापिस नहीं जा पा रहे हैं, और अव्यवस्था बढ़ती जा रही है।
उपाय,,,,,
सरकार को 24 नवम्बर की प्रतीक्षा नहीं करनी चाहिए।
साथ ही, 30 दिसंबर की तिथि घटाकर, तुरंत प्रभाव से 30 नवम्बर कर देनी चाहिए और 31 मार्च वाली तिथि 30 दिसम्बर करनी चाहिए।
यदि ऐसा नहीं किया गया तो काले धन के कुछ नये अड्डे खड़े हो जायेंगे।
ये राशि अभी भले ही छोटी लग रही है, पर यदि इसका चक्र घूमना शुरू हो गया तो शीघ्र ही अपने पुराने स्वरूप में आते देर नहीं लगेगी।
और जो ड्रग्स, आतंक, अपराध, माफिया, अवैध कारोबार पर जो थोड़ा बहुत अंकुश लगा है, वह रुका हुआ नाला पूरे वेग से चल पड़ेगा।
मेरा फिर से सरकार से निवेदन है, 30 दिसंबर बहुत दूर है अभी। इस तिथि को एक माह पूर्व खिसकाया जाय।

सभी विपक्षी नेता लोगो के अपने पेट्रोल पंप भी हे फिर भी ये लोग जनता का नाम ले कर अपना काला धन खुद ही बदल रहे हे रोज 5 लाख भी बदल दिया और ये काम देश के 5000 पम्पो पर भी हुआ तो 5000x500000 --2500000000  मतलब ढाई अरब रु रोज तो अंदाज लगा लो की क्यों ये लोग ज्यादा समय तक जनता के पैसे बदलने और चलने पे जोर दे रहे हे जिस से जितना काला धन इनका बदल सकता है बदल जाये 
सरकार को पम्पो पर, रेलवे में ,सरकारी अस्पतालों में और जहा भी पुराने नोट लिए जा रहे हे उन पर cctv की व्यवस्था करनी चाहिए या इन नोटों को तुरन्त रोकना चाहिए वरना इस नोटबन्दी का कोई फायदा नही होगा 
भाइयो ये सन्देश तुरन्त मोदी जी और सरकार तक पहुचना चाहिए इसलिए जितना हो सके फॉरवर्ड करते रहो

🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

Monday, 28 November 2016

*ये जीवन है... इसे ऐसे ही जीना पड़ता है।*

जीवन का पाठ

एक घर के पास काफी दिन एक बड़ी इमारत का काम चल रहा था। 
वहा रोज मजदुरों के छोटे बच्चे एक दुसरों की शर्ट पकडकर रेल-रेल का खेल खेलते थे। 

रोज कोई इंजिन बनता और बाकी बच्चे डिब्बे बनते थे...

इंजिन और डिब्बे वाले बच्चे रोज बदल  जाते,
पर...
केवल चङ्ङी पहना एक छोटा बच्चा हाथ में रखा कपड़ा घुमाते हुए गार्ड बनता था।

उनको रोज़ देखने वाले एक व्यक्ति ने  कौतुहल से गार्ड बनने वाले बच्चे को बुलाकर पुछा, 

"बच्चे, तुम रोज़ गार्ड बनते हो। तुम्हें कभी इंजिन, कभी डिब्बा बनने की इच्छा नहीं होती?"

इस पर वो बच्चा बोला...

"बाबूजी, मेरे पास पहनने के लिए कोई शर्ट नहीं है। तो मेरे पिछले वाले बच्चे मुझे कैसे पकड़ेंगे? और मेरे पिछे कौन खड़ा रहेगा?

इसिलए मैं रोज गार्ड बनकर ही खेल में हिस्सा लेता हुँ। 

"ये बोलते समय मुझे उसके आँखों में पानी दिखाई दिया। 

आज वो बच्चा मुझे जीवन का एक बड़ा पाठ पढ़ा गया...

*अपना जीवन कभी भी परिपूर्ण नहीं होता। उस में कोई न कोई कमी जरुर रहेगी।*

वो बच्चा माँ-बाप से ग़ुस्सा होकर रोते हुए बैठ सकता था। वैसे न करते हुए उसने परिस्थितियों का समाधान ढूंढा।

हम कितना रोते है...?

कभी अपने साँवले रंग के लिए, कभी छोटे क़द के लिए, कभी पड़ौसी की कार, कभी पड़ोसन के गले का हार, कभी अपने कम मार्क्स, कभी अंग्रेज़ी, कभी पर्सनालिटी, कभी नौकरी मार तो कभी धंदे में मार...

हमें इससे बाहर आना पड़ता है।

*ये जीवन है... इसे ऐसे ही जीना पड़ता है।*

*Let's be positive....*👍👍

Thursday, 24 November 2016

एक्साइज ड्यूटी

क्या है एक्साइज ड्यूटी
मान लीजिये आप सुनार के पास गए आपने 10 ग्राम प्योर सोना 30000 रुपये का खरीदा। उसका लेकर आप सुनार के पास हार बनबाने गए। सुनार ने आपसे 10 ग्राम सोना लिया और कहा की 2000 रुपये बनबाई लगेगी। आपने कहा ठीक है। उसके बाद सुनार ने 1 ग्राम सोना निकाल लिया और 1 ग्राम का टाका लगा दिया। क्यों विना टाके के आपका हार नही बन सकता। यानी की 1 ग्राम सोना 3000 रुपये का निकाल लिया । और 2000 रुपये आपसे बनबाई अलग से लेली। यानी आपको 5000 रुपये का झटका लग गया। अब आपके 30 हजार रुपये सोने की कीमत मात्र 25 हजार रुपये बची। और सोना भी 1 ग्राम कम कम हो कर 9 ग्राम शेष बचा। बात यही खत्म नही हुई। उसके बाद अगर आप पुन: अपने सोने के हार को बेचने या कोई और आभूषण बनबाने पुन: उसी सुनार के पास जाते है तो वह पहले टाका काटने की बात करता है। और सफाई करने के नाम पर 0.5 ग्राम सोना और कम हो जाता है। अब आपके पास मात्र 8.5 ग्राम सोना बचता है। यानी की 30 हजार का सोना मात्र 25500 रुपये का बचा।
आप जानते होंगे
30000 रुपये का सोना + 2000 रुपये बनबाई = 32000 रुपये
1 ग्राम का टाका कटा 3000 रुपए + 0.5 पुन: बेचने या तुड़वाने पर कटा = सफाई के नाम पर = 1500
शेष बचा सोना 8.5 ग्राम
यानी कीमत 32000 - 6500 का घाटा = 25500 रुपये
सरकार की मंशा
एक्साइज ड्यूटी लगने पर सुनार को रशीद के आधार पर उपभोक्ता को पूरा सोना देना होगा। और जितने ग्राम का टाका लगेगा । उसका सोने के तोल पर कोई फर्क नही पड़ेगा। जैसा की आपके सोने की तोल 10 ग्राम है और टाका 1 ग्राम का लगा तो सुनार को रशीद के आधार पर 11 ग्राम बजन करके उपभोक्ता को देना होगा। इसी लिए सुनार हड़ताल पर हे। भेद खुल जायगा।
कृपया इस मेसेज को ज्यादा से ज्यादा शेयर करे । जागो ग्राहक जागो।

Tuesday, 22 November 2016

सरकर के दो साल का रिपोर्ट कार्ड

Iदो साल में अनेको योजनाओं की शुरुआत की गयी है जिनका लाभ सीधा भारत की जनता को मिल रहा है।

*1-प्रधानमंत्री जन धन योजना*
*2-प्रधानमंत्री आवास योजना**
*3-प्रधानमंत्री सुकन्या समृद्धि योजना*
*4-प्रधानमंत्री मुद्रा योजना*
*5-प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना*
*6-प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना*
*7-अटल पेंशन योजना*
*8-संसद आदर्श ग्राम योजना*
*9-प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना*
*10-प्रधानमंत्री ग्राम सिंचाई योजना*
*11-प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजनाये*
*12-प्रधानमंत्री जन औषधि योजना*
*13-मेक इन इंडिया*
*14-स्वच्छ भारत अभियान*
*15-किसान विकास पत्र*
*16-सॉइल हेल्थ कार्ड स्कीम*
*17-डिजिटल इंडिया*
*18-स्किल इंडिया*
*18-बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना*
*20-मिशन इन्द्रधनुष*
*21-दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना*
*22-दीन दयाल उपाध्याय* *ग्रामीण 23-कौशल्या योजना*
*24-पंडित दीनदयाल उपाध्याय श्रमेव जयते योजना*
*25-अटल मिशन फॉर रेजुवेनशन एंड 26-अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (अमृत योजना)*
*27-स्वदेश दर्शन योजना*
*28-पिल्ग्रिमेज रेजुवेनशन एंड स्पिरिचुअल ऑग्मेंटशन ड्राइव (प्रसाद योजना)*
*29-नेशनल हेरिटेज सिटी डेवलपमेंट एंड ऑग्मेंटशन योजना (ह्रदय योजना)*
*30-उड़ान स्कीम*
*31-नेशनल बाल स्वछता मिशन*
*32-वन रैंक वन पेंशन (OROP) स्कीम*
*33-स्मार्ट सिटी मिशन*
*34-गोल्ड मोनेटाईजेशन स्कीम*
*35-स्टार्टअप इंडिया, स्टन्डप इंडिया*
*36-डिजिलोकर*
*37-इंटीग्रेटेड पावर डेवलपमेंट स्कीम*
*38-श्यामा प्रसाद मुखेर्जी* *रुर्बन मिशन*
*सागरमाला प्रोजेक्ट*
*39-‘प्रकाश पथ’ – ‘वे टू लाइट’*
*40-उज्वल डिस्कॉम असुरन्स योजना*
*विकल्प स्कीम*
*41-नेशनल स्पोर्ट्स टैलेंट सर्च स्कीम*
*42-राष्ट्रीय गोकुल मिशन*
*43-पहल – डायरेक्ट बेनिफिट्स ट्रांसफर फॉर LPG (DBTL) कंस्यूमर्स स्कीम*
*44-नेशनल इंस्टीटूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया (नीति आयोग)*
*45-प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना*
*46-नमामि गंगे प्रोजेक्ट*
*47-सेतु भारतं प्रोजेक्ट*
*48-रियल एस्टेट बिल*
*49-आधार बिल*
*50-क्लीन माय कोच*
*51-राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान – Proposed*
*52-प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना*
                                            *फरवर्ड कीजिये दोस्तों भारत मे हर एक के मोबाइल पर*   सही बात है मोदी ने कुछ काम नही किया है ।।

देखो हर साल कांग्रेस कितना काम करती थी।।

खोदकर लाया हूँ उनके काम ।।

2011 -2जी स्पेक्ट्रम घोटाला 1,76,000 करोड़

2011 कॉमन वेल्थ घोटाला 70,000 करोड़

2010 आदर्श घर घोटाला 900 करोड़

2010 S बैंड स्पेक्ट्रम घोटाला 2,00,000 करोड़

2010खाद्यान घोटाला 35,000 करोड़

2009 चावल निर्यात घोटाला 2,500 करोड़

2009 उड़ीसा खदान घोटाला7,000 करोड़

2009 झारखण्ड खदान घोटाला 4,000करोड़

2009झारखण्ड मेडिकल उपकरण घोटाला130करोड़

2008हसन् अली हवाला घोटाला 39,120 करोड़

2008 काला धन 2,10,000 करोड

2008 स्टेट बैंक ऑफ़ सौराष्ट्र 95 करोड़

2008 सैन्य राशन घोटाला5,000 करोड़

2008 सत्यम घोटाला 8,000 करोड

2006पंजाब सिटी सेंटर घोटाला 1,500 करोड़

2006ताज कॉरिडोर घोटाला 175 करोड़

2005 आई पि ओ कॉरिडोर घोटाला1,000करोड़

2005 बिहार बाढ़ आपदा घोटाला 17 करोड़

2005 सौरपियन पनडुब्बी घोटाला 18,978करोड़

2003 स्टाम्प घोटाला 20,000 करोड़

2002 संजय अग्रवाल गृह निवेश घोटाला 600करोड़

2002कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज घोटाला 120करोड़

2001केतन पारिख प्रतिभूति घोटाला 1,000करोड़

2001UTI घोटाला 32 करोड़

2001 डालमिया शेयर घोटाला 595 करोड़

1998 टीक पौध घोटाला 8,000 करोड़

1998 उदय गोयल कृषि उपज घोटाला 210 करोड़

1997 बिहार भूमि घोटाला 400 करोड़

1997 सुखराम टेलिकॉम घोटाला 1,500 करोड़

1997 SNC पॉवेर प्रोजेक्ट घोटाला 374 करोड़

1997 म्यूच्यूअल फण्ड घोटाला 1,200 करोड़

1996 उर्वरक आयत घोटाला 1,300 करोड़

1996यूरिया घोटाला 133 करोड

1996चारा घोटाला 950करोड़

1995मेघालय वन घोटाला300करोड़

1995 प्रेफ्रेंशल अलॉटमेंट घोटाला 5,000 करोड़

1995दीनार घोटाला (हवाला) 400करोड़

1995कॉबलर घोटाला 1,000 करोड़

1995 वीरेंदर गौतम (कस्टम टैक्स) घोटाला 43करोड़

1994चीनी घोटाला 650 करोड़

1992हर्षद मेहता (शेयर घोटाला) 5,000 करोड़।।

बोफोर्स तोप घोटाला -राजीव गांधी 960करोड़

सालो राम मंदिर और पेट्रोल पर रो रहे हो ।

इनमे से 5 के नाम भी पता था क्या ।

इतनी मेहनत कर रहा है पर तुम्हारी आदत है न हर चीज में डंडा करने की ।। 

अगर ये तंग आकर हट गया न तो तुम्हे फिर यही कांग्रेस मिलेगी ।।

जितने भी उसके बाहर घूमने से परेशान है वो बाहर हनीमून नही मना रहा ।। 

सुरक्षा मजबूत कर रहा है देश की ।

आज तुम सबको को किसान दिख रहे हैं 

और जब यूरिया और खाद घोटाला हुये तो कुछ नही दिखा ।।

अगर कुछ सचाई दिखे तो शेयर जरूर करें ।। 

अगर लोगों को अँधेरे में रखने वालों ।। 

और बिना बात के मुद्दे बनाने वालों को जरूर शेयर करें 

मोदी को प्रधानमंत्री बने 1वर्ष हुआ की अच्छे दिन का ताना मारने लगे हैं कुछ लोग।

1.जवाहरलाल नेहरु 16 वर्ष 286 दिन।

2.इंदिरा गाँधी 15 वर्ष 91 दिन।

3.राजीव गाँधी 5 वर्ष 32 दिन।

4.मनमोहन सिंह 10 वर्ष 4 दिन।

कुल मिला कर 47 वर्ष 48 दिन में अच्छे दिनको ढूंढ नहीं सकते 

और 1 वर्ष में हीं अच्छे दिन चाहिए।

ये कैसा न्याय है???

ये कैसी राष्ट्रभक्ति है????

फल खाना है तो पेड़ बड़ा होने दो।

भारत वासियों से विनम्र विनती, 

अगर अच्छेदिन चाहिए तो धैर्य रखें,


आपने प्रधानमंत्री चुना है कोई जादूगर नहीं।

अगर सिर्फ whats app or facebook पे जोक सुन सुन के मोदी जी की विदेश दौरों का पता है तो मुर्ख हो ।  इन उपलब्धियों के बारे में भी पता होना चाहिए ...

***** साल एक शुरुआत अनेक *****

1. मोदी जी ने सऊदी अरब को “On-Time Delivery” Premium charges on Crude Oil के लिए मना लिया है ।

2. India भूटान में 4 Hydropower stations Dams बनाएगा । जिस से Green energy मिलेगी ।

3. India नेपाल में सबसे बड़ा hydro dam बनाएगा जिस से 83% Green energy इंडिया को मिलेगी। ( इसके लिए china कब से लगा हुआ था )

4. जापान के साथ समझोता हुआ. वो भारत में 10 लाख करोड़ invest करेंगे और bullet train चलाने में मदद करेंगे।
( कांग्रेस के टाइम में ये समझोता सिर्फ 1000 करोड़ का था)

5. Vietnam के साथ रिश्ते सुधारे हैं और अब भारत को आयल देने और आयल रिफानरी में भारत के लिए मदद करेगा। 
कोंग्रेश के समय उसने मना कर दिया थ।

6. इरान अब डॉलर की जगह रूपये में आयल देने को राजी हो गया है । इस से खाफी बचत होगी ।

7. मोदी जी 28 साल के बाद औस्ट्रेलिया जाने वाले प्रधनमंत्री बने । और वहां दोस्ती के रिश्ते बनाये । अब वहां से Uranium मिलेगा जिससे बिजली बनाने के लिए काफी मदद मिलेगी।

8. मोदी जी इस साल श्री लंका गये, 27 साल में कोई भारतीय पी एम वहां गया...और टूटी हुई दोस्ती सुधारी, जिसका फायदा चीन उठा रहा था,जो कांग्रेश ने श्री लंका ना जाके बिगाड़ ली थी।

9. China के सामान india में बहुत बिक रहे हैं , इसके लिए बोल दिया की या तो इंडिया में invest करो नही तो गैर क़ानूनी माना जाएगा । अब China $20 billion Invest करेगा।

1 India ने North East and around India china border पे रोड बनाना शुरू कर दिया है ताकि हमारी army को जाने में दिक्कत न हो।
कांग्रेश इस बनाने में डरती रही।

12. India यमन से 4000+ Indians को लाने में सफल रही ।ये सब मोदी और सऊदी अरब किंग की दोस्ती की वजह से संभव हो पाया।

13. India की Air force की ताकत कमजोर हो गयी थी। इसके लिए आते ही फ़्रांस से 36 Rafale fighter Jets खरीदने के लिए deal की है।यह ड़ील सात साल से अटकी हुई थी..

14. after 42 years कोई पी एम Canada गया...भारत को Uranium देने के लिए राजी हो गया है । इस से बिजली की समस्या से निपटने में मदद मिलेगी ।

15. Canada अब भारतीयों को On-Arrival visa देगा।

16. अब तक हम अमेरिक और रूस से ही Nuclear Reactor खरीद सकते थे । मगर अब फ़्रांस भारतीय कम्पनी के साथ यही बनाएगी ।
- MAKE IN INDIA

17. बराक ओबामा से दोस्ती की और अमेरिका अब भारत में 16 Nuclear power plant लगाने में मदद करेगा । जिस से भारत में बिजली की दिक्कत ख़तम हो जाएगी ।

अगर एक खुशहाल और खुबसूरत भारत देखना चाहते हो तो..

इतिहास के अज्ञानी अगर देश के लिए कुछ करना है तो
मोदी जी के इस एक साल के काम को भारत की सारी जनता तक पहुचाए।

आपको यह सन्देश 3 लोगो को भेजना है।
कि मोदी (बीजेपी सरकार ) ने एक साल में कितना काम किया है ।






Sunday, 20 November 2016

The Top 5 Regrets Of The Dying

The Top 5 Regrets Of The Dying

- by Bronnie Ware

 

For many years I worked in palliative care. My patients were those who had gone home to die. Some incredibly special times were shared. I was with them for the last three to twelve weeks of their lives.

People grow a lot when they are faced with their own mortality. I learnt never to underestimate someone's capacity for growth. Some changes were phenomenal. Each experienced a variety of emotions, as expected, denial, fear, anger, remorse, more denial and eventually acceptance. Every single patient found their peace before they departed though, every one of them.

When questioned about any regrets they had or anything they would do differently, common themes surfaced again and again. Here are the most common five:

1. I wish I'd had the courage to live a life true to myself, not the life others expected of me.

This was the most common regret of all. When people realise that their life is almost over and look back clearly on it, it is easy to see how many dreams have gone unfulfilled. Most people had not honoured even a half of their dreams and had to die knowing that it was due to choices they had made, or not made.

It is very important to try and honour at least some of your dreams along the way. From the moment that you lose your health, it is too late. Health brings a freedom very few realise, until they no longer have it.

2. I wish I didn't work so hard.

This came from every male patient that I nursed. They missed their children's youth and their partner's companionship. Women also spoke of this regret. But as most were from an older generation, many of the female patients had not been breadwinners. All of the men I nursed deeply regretted spending so much of their lives on the treadmill of a work existence.

By simplifying your lifestyle and making conscious choices along the way, it is possible to not need the income that you think you do. And by creating more space in your life, you become happier and more open to new opportunities, ones more suited to your new lifestyle.

3. I wish I'd had the courage to express my feelings.

Many people suppressed their feelings in order to keep peace with others. As a result, they settled for a mediocre existence and never became who they were truly capable of becoming. Many developed illnesses relating to the bitterness and resentment they carried as a result.

We cannot control the reactions of others. However, although people may initially react when you change the way you are by speaking honestly, in the end it raises the relationship to a whole new and healthier level. Either that or it releases the unhealthy relationship from your life. Either way, you win.

4. I wish I had stayed in touch with my friends.

Often they would not truly realise the full benefits of old friends until their dying weeks and it was not always possible to track them down. Many had become so caught up in their own lives that they had let golden friendships slip by over the years. There were many deep regrets about not giving friendships the time and effort that they deserved. Everyone misses their friends when they are dying.

It is common for anyone in a busy lifestyle to let friendships slip. But when you are faced with your approaching death, the physical details of life fall away. People do want to get their financial affairs in order if possible. But it is not money or status that holds the true importance for them. They want to get things in order more for the benefit of those they love. Usually though, they are too ill and weary to ever manage this task. It is all comes down to love and relationships in the end. That is all that remains in the final weeks, love and relationships.

5. I wish that I had let myself be happier.

This is a surprisingly common one. Many did not realize until the end that happiness is a choice. They had stayed stuck in old patterns and habits. The so-called 'comfort' of familiarity overflowed into their emotions, as well as their physical lives. Fear of change had them pretending to others, and to their selves, that they were content. When deep within, they longed to laugh properly and have silliness in their life again.

When you are on your deathbed, what others think of you is a long way from your mind. How wonderful to be able to let go and smile again, long before you are dying.

Life is a choice. It is YOUR life. Choose consciously, choose wisely, choose honestly. Choose happiness.

Friday, 18 November 2016

*Today 18 Nov is Rezang La day on .......*

Maj Shaitan Singh ,PVC👇🏾,
Company Commander of Charlie Company of Battle of Rezang La.
Can't resist sharing.
Trust you all will understand why. 

Forwarded as received. ........


  *This is the epic battle of Rezang la. In young days heard the story many times. The epic battle of Rezang La. The name had a zing to it. Rezang La. A battle fought at an altitude of 18,000 feet in Ladakh*. 

*120 soldiers of the Indian army against 5,000 soldiers of the Chinese army. The Chinese also had Artillery support. The 120 soldiers of 13th battalion of Kumaon Regt had no artillery support.* 

*Rezang la is the story of unparalleled valour, raw courage and victory buried in the overall humiliation of the crushing defeat at the hands of China in 1962.* 

The story always brought tears in the eyes but filled the heart with immense pride. Perhaps it was the way, then a young major in the Army and a commentator at Republic Day parade and Rashtrapati Bhavan citation ceremonies, narrated it after dinner as he put his children to bed. The date is still etched in children mind – 18 November 1962. 

It was icy cold on the peaks around Chushul in Ladakh. Rezang La, Gurung Hill and Spanggur Gap, the than Major would say as he drew an imaginary hill with his hands.

*The Chinese artillery was advancing. Major Shaitan Singh was the Company Commander of Charlie Company of 13 Kumaon. His company was on Rezang La. He was a Rajput commanding an Ahir Company. Around four in the morning the scouts alerted Maj Shaitan Singh about advancing Chinese troops. They were advancing through the gullies not in ones or twos but in hundreds, heading for the peak.*

The Major told his men to remain alert but not open fire until he gave the command. As the Chinese troops advanced, the light machine guns opened fire with menacing accuracy. The first wave retreated. But the Chinese were numerically far superior. Before dawn the second wave advanced. This too was beaten back. 

By now at least a 100 Chinese troops lay dead or injured but even before the Indian soldiers could replenish their stocks and reload the machine guns, at three platoon posts.

Chinese soldiers kept advancing wave after wave. Major Shaitan Singh and his Ahir boys kept firing even though they were under a constant barrage of artillery. There was no hope and no way of replenishing their ammunition. 

Major Shaitan Singh had two options: 

*Fight to the last man and last bullet, OR Abandon Post.* 

*The soldiers were tired and bleeding. But their morale was high. They chose to fight on. Not a single man abandoned his post. Not a single man fled the battle. But how long could 120 men fight more than 5,000 Chinese troops? But they did, to the last man and last bullet.* 

The than Major told his children stories of how one soldier, a wrestler, crushed the heads of two Chinese soldiers with his bare hands, when he ran out of ammunition. Another soldier flung himself on two Chinese soldiers and took them down with him as they climbed towards the peak. All this is a part of the military folklore.

*Major Shaitan Singh did not want the Chinese army to take control of his body or mutilate it. He was mortally wounded in combat. He ordered his jawans to hide his body behind boulders. One of his buddies unslung his rifle, used the sling to tie Major Shaitan Singh’s body to his and rolled down the hill. As the brave Major Shaitan Singh breathed his last, his body was hidden behind boulders. Only six of the 120 soldiers survived. Five were taken as prisoners of war. One slipped back to Leh and narrated the story to the army.* 

As the folklore goes, the Chinese stopped at Rezang *La to count their dead and tend to the injured. They lost their will to move forward and retreated. The battlefield was covered in snow*. 

*In 1963 when the snow had melted and a new battalion returned to Rezang La, they found the brave soldiers of 13 Kumaon still in their trenches......Frozen. Finger still on the trigger.*

*This was bravery beyond the call of duty, in the line of fire. 114 bodies were cremated with full military honours in 1963 at those icy heights.*

*Bravery that continues to inspire generations of soldiers.*

At the Rezang La memorial are etched eternal lines of Thomas B Macaulay.......

*"How can man die better than facing fearful odds, for the ashes of his fathers and the temples of his Gods."*

Wednesday, 16 November 2016

Future Expected Blueprint and Plan👇

How does the Government plan to remove black money from India ?

Step 1 : Demonetise Rs.500 and Rs.1000. get Rs.1420000 crores out of the market.

Step 2 : Print Rs.2000 and Rs.500 and Rs.100 in the replacement market.

Step 3 : Dismantle the cash economy by not allowing any cash transaction above Rs.10000 without PAN or Aadhar.

Step 4 : All salaries and business expenses required to be made in cheque or RTGS only to claim expenses in Income Tax. All cash transactions to be disallowed.

Step 5 : A Cash Limitation order will be issued that will allow only maximum cash allowance of total Rs.50000 per person. 

Step 6 : As the cash economy is destroyed after a few months, the Rs.2000 note will be demonetised with a limited notice.

With very limited cash available in the market, the cash economy will be strangled to death.

Step 7 : As some of the cash economy will try to shift to Gold, Gold coins manufacturing and imports will be banned.

Step 8 : A Gold and Precious Jewellery control order will be issued which will allow only 500 gram of Gold per person and a certain value of other jewellery. Relaxation will be given for existing jewellery if declared to authorities as per format. After a certain date, all undeclared Gold and jewellery will be liable to be taken over by the state.

Step 9 : A Property and Asset Declaration order will be issued where all property (Land, Buildings and Flats) and shares will have to be declared to the authorities in a particular format. After a certain date, all undeclared property or shares will be liable to be taken over by the state. 

That will complete the removal of black money from India.

Other changes:
1. Shift finanial year to Jan Dec to avoid mismatch with global economy and minimise laundering avenues
2. Scrap income tax in phase 1 and have BTT and GST
3. In phase 2, when India is fully banking and fully digital,  scrap all indirect taxes and have only BTT

Sunday, 13 November 2016

*AMAZING FACTS !!!*



*In Current Lok Sabha the Parties Strength*
**************************************
*BJP=283 Seats* 2+8+3 = *13*

*NDA=337* Seats3+3+7 = *13*

*UPA=  58*  
Seats 5+8 = *13*

*OTHERS =148*
Seats = 1 + 4 + 8 = *13*
 
*Prediction of Nostradamus* 

*“450 years ago Nostradamus predicted Modi Era”  :  How ???*

French prophet Nostradamus wrote

*That from 2014 to 2026, a man will lead india,  whom initially,  people will hate but after that people will love him so much that he will be engaged in changing the country’s plight and direction.* 

*This was predicted in the year 1555.  Written in French and translated into Marathi language by the famous astrologer of Maharashtra Dr.Ram Chandra Joshi.*  

*It is clearly written on the 32-33 page,
 *“Wait Ram Rajya is coming”*

*A middle aged superpower administrator will bring golden age not only in India*

*But on the entire Earth, who will revive his Sanatana Dharma and will make India the best*

 *Hindu nation  by defeating the evils and would be placed on Power of its Own.* 

*Under his leadership India will not only just become the Global Master, but many countries will also come into the shelter of India.*

*COINCIDENCES ?? ??*                  -------------------------- 
I *Buddha was married, but he left his wife and went out in search of the truth.*  

His wife lived alone. 

 *His wife’s name was Yashodara*

II. *Mahavira  was also married,*

 But he also left his wife and became monastic.  

His wife lived alone. 

*His wife’s name was Yashoda.*

III. *Modi also married,*

but he left his wife and put his life in serving the nation.  

His wife is also living alone.  

*His wife’s name is Yashodaben*

*“ YASHODA, YASHODARA AND YASHODABEN “*

  
IS IT JUST *COINCIDENCE OR HISTORY IS REPEATING ITSELF.*
-

प्रमाण

अमरीका में चुनाव कौन जीता यह बात अलग है, 
पर वहां के मतदान पत्र पर हिंदी का दिखना बड़ा सुखद है ॥
यह हिन्दी के वैश्विक होने का सबसे बड़ा प्रमाण है।

Saturday, 12 November 2016

Frustrations & Reactions

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे जीवट वाले व्यक्ति ने आज जिस अंदाज़ में सार्वजनिक मंच से कहा है कि "ये लोग मुझे ज़िंदा नहीं छोड़ेंगे..."
इससे यह स्पष्ट हो गया है कि स्थिति बहुत भयंकर और असहनीय रूप ले चुकी है.....
एक अकेला व्यक्ति 125 करोड़ हिंदुस्तानियों के हिस्से का ज़हर "नीलकण्ठ" महादेव बनकर पी रहा है.
.
एक अकेला व्यक्ति देश के अंदर मौजूद सारे राक्षसों के साथ-साथ अनगिनत विदेशी दुश्मनों (पाकिस्तान सरकार, पाकिस्तान की सेना, आईएस आई, दाऊद इब्राहिम, हाफिज सईद, चीन) के निशाने पर है......
क्योंकि देश के इतिहास में पहली बार किसी अकेले आदमी ने इतने सारे दुश्मनों की एक साथ नींद हराम कर दी है...

ये अच्छाई और बुराई का महासंग्राम है, हमको तैयार रहना है और मोदी जी का साथ देना है, क्योंकि अगर इन सभी राक्षसों ने मोदीजी को अगर अपने चक्रव्यूह में फंसा लिया तो फिर सदियों तक कोई दूसरा मोदी पैदा नहीं होगा...

Do you want to know why the govt printed the 2000 notes instead of 1000 notes. It is due to peak theory in Charted account parlance. A CA is explaining to those questioning on this logic

Sir, let us Simply take 2 Scenarios to understand the funda !
Scenario A : If as per your suggestion ,  Rs. 2000 Note are not issued but only New Rs. 1000 Notes are issued.
Lets say , for example Mr. X has Rs. 1,00,000/- black money in 100 Old Notes of Rs. 1000 each.
Mr. X divides those Rs. 1,00,000/- into 10 Equal Bundles, each comprising of 10 Old Notes of Rs. 1000 each and puts each Stack on a Table.
On Day 1 , in the morning Mr. X would deposit the first Bundle i.e. 10 Old Notes of Rs. 1000 valued at Rs. 10,000 into the bank and on same Day 1 in the Evening he would withdraw 10 New Notes of Rs. 1000 again valued at Rs. 10,000 and put it in the Locker in his house.
Now the real Game starts.
On Day 2 : Morning , Mr. X would deposit the second bundle of 10 Old Notes of Rs. 1000 valued at Rs. 10,000 kept on the Table. However in his books of accounts submitted to Income Tax Department, he will show that he has deposited the same 10 New Notes which was withdrawn on Day 1 : Evening ( which is actually still lying in the Locker of House )
On Day 2 : Evening , Mr. X would again withdraw 10 New Notes of Rs. 1000 valued at Rs. 10,000/- and keep the same in Locker . So at the end of Day 2, Mr. X has Rs. 80,000 on Table in Old Notes and Rs. 20,000/- in New Notes in Locker.
Now Day 3 will come in next week as limit of Rs. 20000 per week.
The same exercise shall continue till Day 10 and by the end of Day 10, Mr. X shall have no Old Notes and Rs. 1,00,000 in 100 New 1000 Rupee Note in the Locker.
However, to the Income Tax Department, Mr. X has shown that he was having only Rs. 10,000/- as black money initially ( i.e. one bundle of 10 Notes of Rs. 1000 ) and he has rotated the same Rs. 10,000/- by depositing it into Bank account in the morning and withdrawing it in the evening and again redepositing the same on next day and so on.
Thus, Mr. X has paid tax only on initial Rs. 10,000 whereas he has managed to convert all his Black money of Rs. 1,00,000 into new Notes.
This Modus operandi is called Peak theory i.e. theory of rotation of same money which is accepted by most of the High Courts and Tribunals.  Revenue is also helpless to catch Mr. X because the above scenario can also occur in genuine cases where you withdraw money from bank to purchase something and then when you think that no good deal is available, you may again deposit the same money into your bank account and are not required to pay tax again.
Scenario B :  Watch what happens when PM issues New 2000 Rupee Note instead of 1000….! 
Mr. X deposits first bundle of 10 Old Notes lying on Table in the Bank on Day 1 : Morning and then he withdraws 5 New Notes of Rs. 2000 on Day 1: Evening and keeps it in locker.
Now on Day 2 : Morning when he goes to deposit second bundle of 10 Old Notes of Rs. 1000 each and wrongly shows the Income Tax Department that he has redeposited the same money which was withdrawn on Day 1:Evening – Bingo !!!
He is caught red handed !! because the Bank slip on Day 2 submitted to bank shows deposition of 10 Notes of Rs. 1000 each whereas the Govt knows that Mr. X could never have withdrawn on Day 1 any note of Rs. 1000 because they were never Printed !!!!
Now Isn’t it really a Master Stroke by Mr. Narendra Modi 
The above example also gives you an explanation as to why the withdrawal limit is kept so low


*आज के हालात में मोदी जी की जान को कदम-कदम पर खतरा मंडरा रहा है सारी राजनीतिक पार्टियां उनके खून की प्यासी हो चुकी है और इस खतरे को मोदी जी भी भांप चुके हैं यहीं कारण है आज पहली बार उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि राजनीतिक विरोधी मुझे जिंदा नहीं छोड़ेंगे वो मुझे बर्बाद करने पर तुले है चाहे मुझे जिंदा ही क्यों न जला दे लेकिन मेरे होते हुए इस देश की एक-एक पाई का हिसाब लेकर रहूंगा। आज उन्होंने भाषण समाप्ति के बाद जिस प्रकार लोगों का अभिवादन किया वो ऐसा लग रहा था जैसे कोई इंसान अपने जीवन पर होने वाले खतरे को महसूस कर रहा हो।*
*गद्दारों का अस्तित्व समाप्त करने के लिए मोदी जी अब अपनी पूरी ताकत लगा रहे हैं वे उनके द्वारा अब तक लूटी गई काली कमाई को बाहर निकालने के लिए चुनौती दे रहे हैं और कह रहे हैं कि वे किसी भी कालेधन वाले को छोड़ने वाले नहीं हैं।*
*देशहित में की गई कालेधन की कार्यवाही के बाद जिस तरह पूरा विपक्ष एक होकर अपनी कमाई बचाने के लिए मोदी जी पर हमले कर रहे हैं जिस कारण उनके कंगाल होने का खतरा मंडरा रहा है विपक्षियों की हताशा साबित कर रही है कि वह अपना अस्तित्व बचाने के लिए किसी भी हद से गुजरने को तैयार बैठे हैं।*
*ममता, केजरी, राहुल, माया, मुलायम, लालू व कई राजनीतिक दल रोज कुछ न कुछ षड्यंत्र कर जनता में अराजकता फैलाने पर उतर आए हैं। और आगे पता नहीं क्या क्या षड्यंत्र करेंगे।*
*शिवसेना जैसी सहयोगी पार्टी भी इस फैसले की निंदा कर रही है।*
*ममता अपने धुर विरोधी दल कम्युनिस्ट पार्टी से सहयोग मांग रही है।*
*केजरीवाल सुबह से शाम तक पागल कुत्ते की तरह भौक रहा है।*
*राहुल 4000 रू के लिए लाईन में लग रहा है।*
*और इन सबकी वजह सिर्फ यही है कि लोगों में आक्रोश पैदा किया जाए।*
*सबसे ज्यादा सोचने वाली बात तो यह है कि शरद पवार जैसा व्यक्ति जिसके पास बेशुमार काली कमाई है जिसके घर दाउद के फोन की लोकेशन पाई जाती है।वह मोदी जी के कार्यशैली की तारीफ कर रहा है अचानक मोदी जी की तारीफो के पुल बांध रहा है आखिर इसके पीछे क्या षड्यंत्र रचा जा रहा है ? कहीं ये मोदी जी को नुकसान पहुंचा कर खूद को उनका हितेशी बनने का तरीका तो नहीं ?*
*मित्रो कहीं न कहीं देश के गद्दार बड़ा षड्यंत्र रच रहे हैं मोदीजी को अपने रास्ते से हटाने का ब्लू प्रिंट तैयार किया जा रहा है देश कि जनता को भड़का कर उत्पात मचाया जा सकता है जिसका सबूत नमक, शक्कर जैसी चीजों की अफवाहें फैलाना है अभी तो मात्र 4 दिन हुए हैं आगे तो भगवान् ही मालिक है।*
*मित्रों मै ये बात इसलिए कह रहा हूँ कहीं देर न हो जाए, कुछ पाने से पहले ही हम सब कुछ न खो जाए उसके पहले ही हमें सड़कों पर उतर कर मोदी के साथ खड़े होना ही पडेगा। क्योंकि हमारी एकमात्र उम्मीद सिर्फ और सिर्फ मोदी जी ही है आज उनकी जान की कीमत मेरे जैसे हजारो लोगों से भी बढ़कर है। अब वक्त आ गया है कि हमे अपनी वैचारिक शक्ति के साथ साथ ताकत भी दिखाना आवश्यक हो गया है जिसके लिए हमें सड़कों पर उतर कर मोदी जी के काम में सहयोग करना ही होगा। विपक्षियों को अब अपनी ताकत दिखाने का वक्त आ गया है कृपया अपने अपने क्षेत्र में अपने सहयोगियों को साथ लेकर व्यवस्था परिवर्तन में सहयोग करें। जिससे देश के गद्दारों के हौसले को तोड़ा जा सके।*
*🚩भारत माता कि जय🚩*

Today I went to the bank and collected the brand new 2000rs notes.When I turned over the note I found something peculiar. The RBI governor's signature had the name Urjit Patel on it. The announcement by Modi clearly said the printing and preparations began 6 months ago. Urjit Patel was appointed September end.Urjit Patel, former employee of Reliance. So then was the decision to sack Raghuram Rajan already taken six months ago and his replacement chosen. More importantly,was he sacked bcoz he asked banks to declare their NPAs (non performing assets or bad debts). What are these huge NPAs crippling the banks ? Loans taken by corporate fatcats like Ambanis, Adanis etc who among them have taken lakhs of crores as loans never to be returned to the public. The banks were cash strapped and the financial genius Raghuram Rajan's medicine was to declare losses and start afresh.He was sacked unceremoniously.So, my question is, did this move to demonetise the currency( 86 percent of all currency in circulation is 500 and 1000 rs.) a move help Ambani Bhai and their friends?¿??? If this is true,then this is TRULY the BIGGEST SCAM perpetrated on us citizens😱😱😱


Yes. We all are struggling a bit now.. money is not flowing.. for few days we may need to spend less , eat less &  No shopping. But all these will be for very short period. We are all part of a greatest initiative ... The very unique in the history of economics .. much needed for the nation, for economy & to stop terrorism.. let's not focus on news channels.. political parties are doing their best to oppose this.  We have to be matured .. if you can't control  your needs now. Then imagine what will be your situation if there is a war going on.. let's stay calm .. do not panic.. & support this greatest initiative. Let's live in less for few days for the Nation. :-)

अफवाह वो लोग उड़ा रहे है जिनका काला धन कचरा हो गया है वैसे आपको बता दें की देश में स्वार्थी लोगों की भी कोई कमी नहीं है, ये लोग सिनेमा हॉल, क्रिकेट की टिकेट, शराब खरीदने के लिए तो लाइन में लगते है पर इनको देश के भले के लिए लाइन में लगने में समस्या आ रही है और ये लोग शिकायते बता रहे है।
आपको हम कुछ लाइन  दिखाना चाहते है और ये बैंक के बाहर की लाइन नहीं बल्कि, "जिओ" सिम के लिए लगने वाली लाइन है।
लंबी लंबी लाइन, "जिओ" सिम के लिए तो लग सकती है, कोई शिकायत नहीं बताता, पर देश के लिए बैंक के बाहर लाइन लग गयी तो शिकायते बताने लगे, साफ़ है की देश में ऐसे लोगों की भी कोई कमी नहीं है जो स्वार्थी अधिक और राष्ट्रवादी कम है।
जापान जैसे देश में तो लोग राष्ट्र के लिए भूखे रहने को तैयार थे,  पर अमरीकी और चीनी सामान नहीं लिया, पर भारत के लोगों में राष्ट्रवाद की कमी तो है ही जो देशहित के लिए लाइन में भी लगने पर शिकायत बता रहे है।
इन घटीया नेताऔ की वजह से।
हर कड़े फैसले के चाहे वो कितना भी अच्छा हो, उसके हमेशा 2 पहलु होते है, एक तो अच्छा और एक बुरा, देशहित में प्रधानमंत्री मोदी ने जो कड़ा फैसला लिया है उस से देश को और देश के भविष्य को लाभ होगा।
पर इस फैसले से जनता को कुछ दिनों की तकलीफ भी होगी, पर देशहित के लिए हमेशाक़ुरबानी देनी होती है, और उसक़ुरबानी का लाभ अंततः देश और देश के लोगों को ही मिलता है।
जाली नोट का धंधा करने वाले या काला धन रखने वाले नेता अपना दर्द छुपाने के लिए आम जनता को गुमराह करना चाहते है।
पुराने 1000,500 के नोट बंद होने से, होने वाले बड़े देशहित को छुपाके कुछ दिक्कतों का हवाला दे रहे है।
इनकी चाल को समझें और आम जनता को समझाने में भी मदत करें ताकि वो परेशान या गुमराह न हो ....
ये फैसला भरष्टाचार, टेक्स चोर, जाली नोट का धंधा करने वाले, आतंकवाद को रोकने या कम करने के लिए लिया है सरकार ने ...
हम देशहित में बोर्डर पे 24 घण्टे तैनात नहीं है हमें गोली नहीं खानी है ,क्या देशहित में हम इतनी परेशानी नहीं उठा सकते है।
देश की मीडिया ये नही बता रही की इस फैसले से देश का कितना भला होगा, देश का भला होगा तो उसका लाभ जनता को ही तो मिलेगा
देश में 35000 करोड़ का जाली नोटख़त्म हो गया है, मीडिया इस फैसले से भारत को होने वाले लाभ नहीं बता रही
मीडिया नेगेटिव चीज फैला रही है, अरे ये देश और यहाँ के लोग, देशहित मेंक़ुरबानी तक को तैयार रहते है।
कुछ दिनों की तकलीफ हंसकर झेल सकते है, देशहित के लिएक़ुरबानी देना होता है और देश तैयार है, देश के जिम्मदार लोग फैसले से बेहद खुश है
मीडिया वालों नेगेटिव चीज फैलाकर इस प्रधानमंत्री के विरुद्ध माहैल मत बनाओ।

जय हिन्द
वंदेमातरम्

Why all the Violence in Jammu-Kashmir Has Suddenly Stopped???

The unemployed and uneducated youth in Kashmir have a source of income there. 

All they need to do is to present themselves as “Freedom Fighters” of Kashmir. 

Then they have to perform some thrilling and adventurous activities. 

They get paid accordingly! 

A fun-filled job for the youth. More so for school-going children. 
There is a risk of injury of course, but who cares when the blood is hot and money is easy?

Their Rate-Card is fixed. 

For throwing stones at the Indian Army Jawans, Rs 100 to Rs 500 per day. 
For stealing their weapons Rs 500 per weapon. 
For Grenade stealing and lobbying Rs 1000 per Grenade. 
But suddenly these brave Stone Pelters seem to be jobless. 
To be precise, since the historic move of Demonetization by our PM Modi , these misguided Kashmiri youth have lost their daily wages and daily thrilling experiences.


 
These agitations in Kashmir are staged by separatists like Syed Geelani, Yasin Malik Sheikh Yaqoob and so on. 
The payments are to be made on a day to day basis to the poor young Stone pelters. Suddenly they are unable to pay these young kids. 

With no monetary returns, these young kids discover that they are no longer the ‘freedom fighters’ of Kashmir.

The investigating agencies have found a steady flow of money into Kashmir through Hawala channels of Pakistan. 

According to the report from Ministry of Home Affairs and few probing agencies, Crores of rupees have been smuggled to Jammu and Kashmir in gas cylinders. 

All of a sudden, PM Modi announces Demonetization. 

The crores of money stashed in Hawala Channels suddenly cease to be money. 

It becomes a pile of papers. 

Separatists are clueless, their funders speechless and as a result the stone pelters jobless. 

PM Modi kills three birds in one stone called ‘Demonetization’! 

As it turns out, PM Modi plays a Stone Pelter to this trio.

The Jammu and Kashmir Police has reported to New Delhi that separatists are bewildered by this crisis of Demonetization. 

The black money supplied by Pakistan through Hawala channels to Pro-Pakistan Separatists is in 500 and 1000 denominations. 

On 8th September, late evening PM Modi’s announcement of Demonetization of 500 and 1000 rupee notes was heartily applauded by Indians. 

But it surely sent a chill down the spines of all anti-national people. 

Separatists are panicked beyond limit as their source of income has dried up all of a sudden. 

Surprisingly (or not so) ,many politicians from Congress, Aam Aadmi Party and Paid Media are whining in the same tunes of these separatists.

It is stated by Top Intelligence officials that the backbone of the network of separatists is badly broken with the stoppage of funds from last few 3-4 days. 

With all the piled black money of Hawala discarded, Kashmir Agitation agenda of Separatists will have to be postponed. 

The Hawala Channel needs to recuperate from the shattering loss and build back their network of black money slowly. 

The process of recovery is going to take at least 4 to 5 months. 

Separatists have to keep their activities on hold.

And in the meantime we Indians are happy! 

PM Modi’s Demonetization has not only destroyed black money in the country, but it also has spared our Jawans in Kashmir of getting hit by a hurling stone!

Jyothi Suparna Chincholi

Forwarded as received........

Dear Modiji

I voted for you. Because I wanted change. 
Now I am confused because I have no change for the two thousand rupees you have given me. 

I am a single mother of three trying to work and balance home. 
I had fifty thousand at home for emergencies on the day you declared them waste paper. 
This was not black money. This was money I had earned and worked hard and saved. 

I know I can put them back in my bank but have you seen the queues 

I took a holiday stood five hours outside a bank and got four thousand rupees in two thousand rupees notes. 

After that I had no energy to stand in queue to deposit rest of the money

Elated with my money I went to the milk stall. 
The man very curtly told me if you have change buy the milk because I have no change
He showed me his own two thousand rupees notes he got from the bank. 
These are useless he grumbled

I went to my favourite vegetable vendor
She had very few vegetables
What happened I asked her
She said she had very little money to buy vegetables
Then she looked at me warily and asked, Memsaab you will give me change for the vegetables?
I have no change

I looked at the two thousand in my hand and said I have this
She removed her two thousand and showed me. I also have only that. 

No milk no fruits for the kids today

My head was throbbing I went to the chemist. 
A board greeted me 
We will accept only hundred rupees.
 We accept higher denomination currency only if you use the complete amount with us

Went to grocer asked for bread and butter and a bottle of water
Went to pay with my two thousand rupees 
He looked at me sadly
Aunty I have no change but since you are a regular customer you can pay me later
I took the goods and hailed an auto

Instead of the usual surly, Kidhar jaana hai he belted out, Choota hai to baitho.
I showed him my two thousand rupees he showed me his

I started walking home
Tired I reached home
Gave the kids bread butter and water
They looked at me puzzled, Mom why we don't have proper food today? they innocently asked. 

I showed them the crisp new two thousand rupees

This is Monopoly money? The young one asked innocently .

Yes it is, I replied because it can buy only imaginary goods

Called the boss. Asked for a leave next day
He said, why? Did you not get to exchange your money
I said, Yes but it was no use the crisp notes were useless anywhere I went
So what will you do with another leave he said. They will still give to another two thousand rupees. 

I said I don't want leave to go to bank I want leave to start a protest. 
What, he exclaimed

I said, no one seems to be protesting this arbitrary decision. 

Those with black money are still sitting in their AC palaces.
They are not standing in queues to get their own money.
The ones with black money are now poorer by a few crores but what difference those few crores will make when they have so much.

It's us the common folk who are bearing the brunt of this abrupt change Modiji thought of.
I can't use my own money, old or new.
Can you imagine how many like me are there in this country who are so badly hit by this. 


My boss was quiet.
Where are you staging the protest?
I will join you.


Can NaMo Get Away With It?
By S Balakrishnan Ex-TOI...

PM Modi has triggered a massive  quake in our economy which is immeasurable on any Richter scale. He has not made a surgical strike, but made a full-throttle  frontal attack with main battle tanks et al on black money.
In one stroke he has angered extremely powerful and deeply entrenched vested interests who will definitely hit back and try to unseat him by exploiting the immediate inconvenience which people are facing over the demonetisation. Through their natural allies in the Congress, the Left, the corrupt bureaucracy and the media  they will try their best to create law and order problems across the nation. Most of the bank unions are controlled by the Left and it will not be surprising if they are instructed by their comrade leaders to effectively sabotage the demonetisation.

Both the Congress and the Left are near- totally marginalised in the political spectrum and they may well fan discontent to claw back to the centrestage . In fact, these vested interests have already set in motion their plan to destabilise Modi. They are already cynically using the caste card in Gujarat, Haryana, Maharashtra etc. The petitions before the Supreme Court filed by Muslim women against triple talaq n polygamy are being used to create insecurity among the Muslims. 

The ISI and its agents will now work overtime. Even within the BJP these vested interests have their representatives who will try to internally weaken Modi.

Friends, this is a challenge before all of us. Let's do everything possible to make a huge success of Modi's game-changing idea which is aimed at strengthening our economy. We should tell people not to panic. There is ample time to exchange your old Rs 500 n Rs 1000 notes.  We are facing a now-or-never situation. We should defeat the demons who will do everything possible to sabotage Modi's dream. India should win!!
S Balakrishna- former City Editor, TOI Mumbai.

नोटों(लक्षमी)को नदियो में बहाना, जलाना सही या किसी की जिंदगी बदल देना।
सोचियेगा।

काले धन पर मोदी जी को नाज होना चाहिए, आज 5 खबर ऐसी सुनने को मिली जिसमें दिल गदगद हो गया सूरत के बिल्डर लालजीभाई पटेल ने 6,000 करोड़ रुपए सरेंडर किए दूसरी खबर यह आई है राज स्थान के गांव जालौर जिले के रानीवाड़ा तहसील के जाखड़ी गांव में एक राजपूत शेर ने 80 करोड रुपए को गांव में बांट दिया जिसके कारण हर एक गांव वाले के घर में दो लाख रुपए आराम से पहुंच गए इसी प्रकार तमिलनाडु के एक मंत्री ने अपने पास जमा पड़े 300 करोड रुपए को अपने पहचान वाले छोटे-मोटे दुकानदार साफ-सफाई वाले और परिचित लोगों को दो - दो, ढाई - ढाई लाख रुपए देकर बहुत बड़ा आशीर्वाद प्राप्त किया, चौथी न्यूज़ यह है कि इंदौर के गुजराती बिजनेसमैन शंकरलाल विद्वान मैं अपने पास काम कर रहे 600 मजदूरों को एक एक लाख रुपए बांटकर काला धन को रास्ते लगाया हाशमी न्यूज़ यह है महाराष्ट्र के पुणे के एक डॉक्टर ने अपनी कमाई हुई 20 बरस की कमाई को वापस अपने पुराने कस्टमर यानी जान पहचान वाले मरीजों को बुला बुला कर 2 / 2 लाख रुपए बांट दिए मरीज खुश होकर घर गया दोस्तों सुनने में बड़ा अजीब लगा पर मैं सोचता हूं काला धन काला धन नष्ट करने का सबसे बड़ा तरीका यही है यार दोस्तों गांव वाले या छोटे मोटे दुकानदार या जान पहचान वाले लोगों की सहायता कर  आप आपस में बैठकर यह खुशियां प्राप्त कर सकते हैं इस से क्या है हर घर थोड़ा बहुत खुशियां अपने जीवन में ला सकता है नोटों को जलाना या फेकना लक्ष्मी का अपमान होता है जो आप को नुकसान पहुंचा सकता है जला कर फेकना या नष्ट करना यह एक तरह का अपराध है, आपको मेरी बात पसंद आए तो आप इस को आगे शेयर कीजिए इतने लोगों के पास पहुंचना चाहिए कि जो भी अपने काला धन यूज़ करना चाहता है तो इसको पढ़कर करें ताकि किसी गरीब के चेहरे पर भी मुस्कान लौट आएगी 🙏🙏🙏 आपका एक शेयर किसी को लखपति बना सकता है।

Govt asks banks to increase ATM withdrawal limit to Rs 2,500 per day

 The Union Finance Ministry on Sunday advised the banks to increase the cash withdrawal limit at ATMs from the existing Rs. 2,000 to Rs 2,500 per day in the recalibrated ATMs and to increase the exchange limit over the counter from the existing Rs 4,000 to Rs. 4,500.
The ministry further advised the banks to increase the Business Correspondents limit to Rs 2,500 for withdrawal from bank accounts and also the weekly limit of Rs. 20,000 for withdrawal from accounts has been increased to Rs. 24,000, removing the limit of Rs.10,000.
The decision came after the Finance Ministry reviewed the position regarding availability and distribution of all denomination of bank notes.
Furthermore, banks have been advised to increase the issuance and use of mobile wallets and debit/credit cards as also to provide them to those customers and establishments not having access to these non-cash means of payment and the last date for submission of the annual life certificate for the government pensioners, which is to be submitted in November every year, has been extended up to January 15.
In a statement, based on the reports received from the states, banks and other sources, the Department of Economic Affairs, Ministry of Finance, noted that in the first four days - November 10-13 up to 5 pm - about Rs 3 lakh crores of old Rs 500 and Rs. 1000 notes were deposited in various banks and about Rs 50,000 crores dispensed to customers either by withdrawal from their accounts or ATMs or by exchange at the counter, whereas during this period, the banking system handled about 21 crore transactions.
The statement said coordination is being continuously done by the ministry with the Reserve Bank of India ( RBI), banks and post offices to make all denomination notes available at all locations and instructions were given to the banks and post offices to ensure proper distribution of all denomination notes. Banks have also been especially advised to ensure the availability and distribution of small denomination notes.
Further, the states' chief secretaries have been requested to identify the rural pockets, if any, where availability of cash has been a problem and provide all support to the banks and post offices in order to ensure the last mile distribution of small denomination of notes is done through mobile banking vans and Banking Correspondents (BCs).
It has been reported that certain business houses such as hospitals, caterers, tent houses etc are not accepting cheques/demand drafts and online payment transfer from customers. It is advised that in such cases customer can make a complaint to the concerned District Magistrates/District Administration for action against such establishments, the ministry said.
The ministry said the Government of Assam has arranged mobile banking vans with support of banks and state government staff at certain hospitals for carrying out emergency banking transactions. All banks have now been advised to arrange mobile banking vans to the extent possible at major hospitals to carry out emergency banking transaction for patients.
Moreover, the banks have been advised to make arrangements for separate queues for senior citizens and Divyangs. Separate queues will also be arranged for exchange of cash to cash and transactions against bank accounts.
The Government of Arunachal Pradesh has made special arrangements like cash deposits /withdrawal and opening of new bank accounts in the remotely located areas with the help of banks and state government staff, said the ministry, adding that the state governments have been requested to facilitate opening of new bank accounts as a part of financial inclusion programme.
The Finance Ministry said the issuance of the Rs. 500 notes has already commenced.

आदमी उम्र के साठ साल पूरा करने से नहीं साठीयाता मोदीजी की फुर्ती देखो यारों राहुल गांधी से जवान दिखते है।

जो देश की प्रगति के खिलाफ है जिनके पास काला धन है जो विकास नहीं चाहते वो मोदी के फैसले के खिलाफ है।

अपने स्वार्थ से ऊपर उठ कर देश की भलाई की सोचो।

एक बात कान खोल कर ध्यान से समझ लेना कि मोदी के प्लान को पूरी तरह से अनुसरण करना वर्ना कल ये नहीं कहना कि मोदी के अगले झटके के बारे में बताया नहीं।

Surprise : 34 Things Modi Achieved For India Through De monetisation 

1.Maoists hit

2.No stone-pelting in J&K

3. Burning schools stopped in J&K

4.Corrupts burning cash

5. Daal crashes to Rs.80/kg in UP

6. Kirana shops/Panwalas installing debit card machines

7.Municipalities making record recoveries of house tax

8.Electricity companies making huge record recoveries of past arrears

9.Medicine shops making big sales

10. Delhi Metro smart cards sales increase

11.Many businessmen recovering past dues as old as 4 years and getting advance for new orders

12.Huge opportunities for mobile wallets

13. Banks plush with funds.Rs.3 lakh crore banked in 4 days!!! Cost of funds reduced for banks

14. Labourers paid Dihadi for standing in queues

15. All property deals involving black money in jeopardy.Benami in jeopardy

16. Property prices come down by 25%

17.Democracy deepened. All castes/creeds standing in same queue.

18.Fake currency rackets hit

19.Political parties spends in Punjab/UP hit

20 Najeeb Is suddenly Found & OROP is well

21. Rs.2000 notes will cut currency printing costs for Govt

22.Notes burnt by corrupts will reduce fiscal deficit as liability cancelled

21. ATMs to be reprogrammed. Business opportunities for software firms

21. Drug peddlers in Punjab hit

22.IT raids unerathing black money

23.Cops detecting /unearthing huge cash in nakabandi

27. Public not wasting time on faaltu test matches and watching faaltu bollywood movies. Facing real life !!!

28. Havala has come to a stand-still

29. Betting , Satta industry hit badly

30. Great precedent set-political leader taking hard decision benefitting nation not bothering about his political costs

31.People realise there can be a selfless politician.

32.People willing to bear short-term pains for long-term gains

33.Demands in other countries (Pakistan/Australia) to emulate India’s step. India again on way to regaining super power.

34. Message sent to the world that despite being a large diversified democracy India can take tough decisions and same well-received by people

Azad Irani

Azad Irani - Mocambo: Do read this. Very impressive. 

Modi's great 2000 Rupee Note Trick

(If you find this helpful and interesting, request you to please do share so that doubts of anybody around introduction of Rs. 2000 currency notes are assuaged)


Its about Modi's great Rs. 2000 Note Trick which Modi has played with such brilliant flair that it has stumped everybody (many of his supporters as well).

There is caveat to the below Analysis, which is, you need to read completely to understand it

As I'm writing this post, I know this will be a little long but should be interesting to the inquisitive, so please have patience.

To understand this trick, you must first understand the characteristics of a surgical strike

Yes a surgical strike and its not an impromptu overnight impulsive reaction. 

Its main characteristics are:

1. Meticulous Planning
2. Maximum Damage
3. Very Accurate (Damaging the target while the surrounding suffers very little damage)
4. Sudden Shocking Surprise (without giving any time to the target to understand and save itself)
5. Minimum Collateral Damage
6. Conducted after diversionary tactics
7. Blocking any escape routes

In view of the above, demonetizing was precisely a surgical strike on black money . I will not go into more about this phenomenal death blow to Black Money, there are enough articles and analysis. I will focus on something which not many could see in this blitzkrieg. Modi's Great Rs. 2000 Trick.

To understand this trick, I wont take you too far back but 24th September 2016, Location Kozhikode, event BJP National Council's meeting. Modi was soft in speech and made an appeal to 
Pakistani people not to get into fight with each other but fight poverty. There were mocking meme's of "Kahan Gayi 56 inch ki chaati". Indian express talked about strategic restraint.

http://indianexpress.com/article/india/india-news-india/narendra-modi-kozhikode-speech-powerful-case-for-strategic-restraint-pakistan-3048718/

3 Days later, *drumroll* surgical strike. Pakistani who thought nothing is gonna happen were caught completely off guard. They even had prepared their launch pads in final stages to launch terrorists in India as they seemed convinced Modi won't do anything.

Fast forward to 6th November, Social media, WhatsApp were filled with messages & images of new Rs. 2000 with NGC, notice carefully, no news about new Rs. 500 but only 2000 .. Why? Why only 2000 .. just coz 500 was already there? but isn't a news about a new 500 note exciting enough to be shared on WhatsApp .. why there was no news about it.

Now I will start unraveling the plan. 

First. How easy do you believe is it to leak an image of new currency and that too in good detail without any action, without any reaction from govt.? Isn't it such a huge security blunder? Isn't that a matter of concern?

Govt acted so cool .. not even a news report that why such a thing happened.. Well coz it was done by RBI (Govt.) itself .. They leaked out the Image of Newly minted Rs. 2000 with the rumour of a NGC Nano GPS Chip on it to track it even 130 meters below ground. But why would they do that .. also why not put a news about 500 with a chip as well .. what did the govt. want to achieve with the tactic?

3 Days later, *drumroll* .. Surgical strike Conducted on Black Money (9th Nov) .. No one could have dreamt that 500 and 1000 Rupee Note would be stopped coz 2000 is a new denomination .. an Addition not a replacement. And news about new 500 never came in the market.

You wanted your target which is guilty and nervous (ready) to feel relaxed .. A whiff of new note of existing denomination would have send a chill down the spine so that is why its 2000 and not a Rs. 1000 note. Also with NGC, the culprit feels that okay so govt. is taking measures on new money, nothing is gonna happen to old as its not gonna get replaced (there is no existing 2000 Rupee note to replace.) Its a measure for future notes and my Rs. 500 and Rs. 2000 are safe. 

The same is applicable to terrorists and their handlers as well. Who dont want to be tracked with 2000 rupee note, better start stocking 500 and 1000 Rupee notes now.

You may ask why even announce about the 2000 Note then? Recall the characteristics of Surgical Strike, the target knows that 30th September Deadline is over there could be action so it is always better to relax the target and then launch the offensive for maximum accurate damage. (How it would relax has been explained in previous paragraph if that thought crossed your mind).

This was primary objective. Secondary Objective, The culprit is relaxed about new note but aware that this new note with chip wont be easy to hoard (stock) so better remove Rs. 500 and Rs. 1000 notes from market and convert from 100s to 500s and 1000s .. the culprit is in trap.

Tertiary and quite a valid important Objective:

86% of currency in circulation is in denomination of 500 and 1000. The valid white money crunch is going to crush the economy. Introduction of new money would be slow .. you need a high denomination to fill that void (not completely but to some extent). Don't expect too many 2000 rupee notes to be printed, they are just to tackle this emergency situation which govt. did expect to get created.

Now the next question is if its the objective why not leak 2000 image earlier enough for them to stock maximum. Remember, it is secondary objective and longer the time after a relaxing stroke, the more the chance that culprit becomes aware and take evasive measures.

So now .. Who all knew about stopping of existing 500 and 1000 rupee notes? No one except Modi Ji, Arun Jaitley and RBI Gov. I doubt if there is a fourth person who knew about it.

Why not others? How would it matter anyway .. its stopping the existing denomination .. don't need much preparation to remove the existing, what needs planning is introduction of new currency. So phasing out can be done at the drop of the hat and that is what was done without many people being informed about it.

So what about the new Rs. 500 Note? Did the banks know.. Ha Ha .. they did not?

I came across this article in the evening today and it confirmed my .

http://www.ndtv.com/india-news/top-secret-how-pm-narendra-modis-cash-ban-was-planned-and-executed-1623848

"They (Bank Heads) had been called to the RBI in the morning to receive a locked currency chest which they were told contained notes of the new 2,000 rupee denomination. They were under strict instructions not to open the chest or speak about it until later that night, according to the Mint newspaper.

It was when they opened it, as PM Modi was speaking, that they learnt about the new 500 rupee note, the paper added."

The banks were told that they should give more Rs. 100 notes and not Rs. 500 or Rs. 1000

Another line from the article above - "Last week, the RBI had ordered banks to issue more 100 rupee notes but no one seemed to have seen what was coming."

EDIT: RBI had issued a notification for banks to dispense Rs. 100 Notes through ATMs on 2nd November. Thanks to Mohan Kumar for sharing this link (https://rbi.org.in/Scripts/NotificationUser.aspx?Id=10674&Mode=0)

What other unintended but obvious objective did the Rs. 2000 Note trick achieve? Machines in Karachi worked overtime in last three days to print 1000 and 500 as Rs. 2000 would not be easy to print with the NGC chip (they thought would be real, the hoax worked), only to waste their resources and go WTF after the announcement.

"The Directorate of Revenue Intelligence, Research andAnalysis Wing and other intelligence agencies had exposed Pakistan governmentacquiring ink and paper far in excess of requirement to print Pakistani currency."

http://m.indiatoday.in/story/black-money-surgical-strike-pakistan-fake-currency-network-modi/1/806903.html

The Rs. 2000 trick was a diversionary tactic as well as a trick for black money hoarders to hoard in 500 and 1000 currency notes since 2000 with NGC would not be easy to hoard. 

Once you assimilate this one little plan in the whole scheme of things that Modi has tried to checkmate Black Money with, you would only say Modi Sir, You beyond awesome !!!

Bonus Analysis: NDTV Ban was never going to happen, it was just to keep the notorious channel busy in its own affairs trying to garner support while Modi planned execution.

In the absence of the above India would hav reached the Point of No Return like Iran a few years back..... 'Carry a BAG  FULL of Currency to get a Loaf of Bread'.

MODI PUNCH